वैक्सीनेशन लगाते नर्स हुई संक्रमित, नही मिला बेड, मौत
जांजगीर-चांपा। अपनी जिदंगी दांव पर लगाकर कोरोना संक्रमण काल में कोरोना वॉरियर अपनी जिंदगी की जंग लगातार हार रहे हैं। कभी सिस्टम, तो कभी लापरवाही उनकी जान ले रही है। इसी के चलते वैक्सीनेशन देने वाली नर्स को सही समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गयी।
मामला जांजगीर का है जहां एक नर्स वैक्सीनेशन के दौरान संक्रमित हो गई। आॅक्सीजन लेवल कम होने पर परिजन ईसीटीसी (एक्सक्लूसिव कोविड ट्रीटमेंट सेंटर) ले गए, वहां बेड ही नहीं मिला। मजबूरी में महुदा कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो फिर 4 दिन बाद ईसीटीसी लेकर पहुंचे। इस बार उन्हें बेड तो मिला, पर सांसे टूट चुकी थीं। बलौदा ब्लॉक के देवरहा पिसौद गांव निवासी नर्स द्रोपदी तिवारी (61) ग्राम जर्वे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ थीं। उनकी ड्यूटी विभाग की ओर से वैक्सीनेशन में लगी थी। हेल्थ वर्कर होने के कारण वैक्सीन की एक डोज उन्हें 25 दिन पहले लग चुकी थी। दूसरी डोज उन्होंने नहीं लगवाई थी। इस दौरान सेंटर में आने वालों को वैक्सीनेशन कर रही थीं। इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। कोरोना के लक्षण होने के कारण वह होम आइसोलेशन में चली गईं और टेस्ट कराया।
ब्लाक मेडिकल पार्थ सिंह के अनुसार, नर्स द्रौपदी तिवारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 22-23 अप्रैल से वे होम आइसोलेशन में थीं। इस बीच तबीयत ज्यादा बिगड?े पर परिजन उन्हें इलाज के लिए ईसीटीसी लेकर आए, लेकिन बेड खाली नहीं होने के कारण भर्ती नहीं किया जा सका। इसके बाद उन्हें फिर से महुदा के कोविड केयर सेंटर भेज दिया गया। वहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इसके बाद 26 अप्रैल को फिर ईसीटीसी भेजा गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
