कोरोना के चलते एससी-एसटी योजनाओं पर सवा सौ करोड़ नहीं हो पाए खर्च

भोपाल
कोरोना के कारण प्रदेश के अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा बजट में घोषित की गई सवा सौ करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च नहीं की जा सकी। अलग-अलग योजना मदों की इस राशि को अब जनजातीय कार्य विभाग ने नए वित्त वर्ष में खर्च करने के लिए स्वीकृति दी है। इन मदों की राशि को पुनिर्विनियोजन की श्रेणी में शामिल किया गया है।

2020 में लगभग पूरे साल तक पढ़ाई का काम ठप ही रहा है। स्कूलों का संचालन बंद रहा जबकि आनलाइन क्लासेस चलाकर विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने का काम किया गया था। इसके चलते वित्त वर्ष 2020-21 में एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए तय की गई बजट की राशि खर्च नहीं की जा सकी। इसमें आदिवासी कन्याओं के शिक्षण प्रोत्साहन योजना मद के साथ प्राथमिक शालाओं के लिए दी गई राशि और आवास सहायता के रूप में एससी-एसटी वर्ग के बच्चों को दी जाने वाली मदद की राशि शामिल है। इसके साथ ही सैनिक स्कूल और निजी संस्थाओं में पढ़ने वाले इन वर्गों के बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया था जिसका उपयोग नहीं किया जा सका। इस कारण अब इस राशि को चालू वित्त वर्ष में खर्च करने की स्वीकृति मिली है।

विभाग के अफसरों के मुताबिक सबसे अधिक राशि प्राथमिक शाला में बचत की राशि के रूप में 60 करोड़ सामने आई है। इसके अलावा आवास सहायता योजना के अंतर्गत एससीएसटी वर्ग के लिए प्रावधानित राशि 32.16 करोड़Þ और हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की बचत के रूप में 8 करोड़ की राशि भी शामिल है। सरकार ने आदिवासी कन्याओं के शिक्षण प्रोत्साहन के रूप में 22.81 करोड़ रुपए की राशि खर्च नहीं हो पाने पर इस राशि का पुनर्विनियोजन किया है। सैनिक स्कूल और निजी स्कूलों में पढ़ने के लिए फीस प्रतिपूर्ति की राशि 8.81 करोड़और सीनियर छात्रावास योजना के पौने दो करोड़ भी इसमें शामिल हैं।

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