छत्तीसगढ़ चेम्बर ने केंद्रीय वित्त मंत्री व राज्य के वाणिज्यिक कर मंत्री को लिख पत्र
रायपुर। लॉक-डाउन के कारण जीएसटी एक्ट के अंतर्गत आने वाली अप्रेल माह की निर्धारित तिथि को तीन माह आगे बढ़ाने के सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ चेम्बर आॅफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा ने केन्द्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण एवं वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस.सिंहदेव को पत्र भेजकर निवेदन किया गया कि रायपुर के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने 7 अप्रैल 2021 को अपने आदेश क्रमांक 312/2021 में रायपुर शहर को पूर्णत: कन्टैम्नेट जोन घोषित कर दिया है, इस आदेश में कुछ को छोड़कर लगभग सारी गतिविधियों को बंद रखा गया है और हमारे शहर में कोरोना के केस बहुतायत में आ रहे हैं जो कि पिछले वर्ष कि तुलना में बहुत ज्यादा अधिक है।
कलेक्टर ने वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए सारे व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी कार्यालय, अर्ध शासकीय कार्यालय, बैंक, सार्वजनिक आयोजन एवं अन्य प्रकार की गतिविधियों को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है। आज केवल रायपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में कलेक्टर द्वारा किसी न किसी प्रकार का कर्फ्यूू, नाईट कर्फ्यूू , वीकेंड लॉकडाउन या पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया है. लॉकडाउन वाले जिलों में आने वाले समय में हमारा व्यापारी वर्ग पूरी तरह से घर पर रहेगा एवं शासन द्वारा दिए गए निर्देश का पालन करेगा।
अप्रेल का माह नए वित्तीय वर्ष का पहला माह होने के कारण जीएसटी एक्ट में बहुत सारे अनुपालन की निर्धारित तिथियां लेकर आता है, ऐसे में व्यापारियों के लिए अपने खाते का मिलान करके विभिन्न प्रकार कि विवरणियां समय सीमा पर प्रस्तुत कर पाना संभव नहीं है. आज हमारे प्रतिष्ठान अवं कार्यालय में भी कार्य कर रहे विभिन्न व्यक्ति, एकाउंटेंट्स, सपोर्ट स्टाफ, प्रबंधन स्टाफ आदि व्यक्ति भी इस महामारी का शिकार हो गए हैं जिसके स्वरूप या तो वह लोग क्वारंटाइन हैं या अस्पताल में हैं। व्यापारी वर्ग से जुड़े हुए विभिन्न सलाहकार भी इस महामारी का शिकार हो चुके हैं । चेम्बर पदाधिकारियों ने केन्द्रीय वित्तमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस.सिंहदेव से निवेदन किया है कि अप्रेल माह की निर्धारित तिथि की विभिन्न तिथियां 03 माह के लिए आगे बढ़ाया जाए, ताकि लॉकडाउन खुलने के पश्चात व्यापारी वर्ग को समय मिल सके अपने व्यापार को शुरू करके सही तरीके से खातों का मिलान कर टैक्स एवं विवरणियां जमा करे सके।
