NEET रजिस्ट्रेशन में देरी के चलते बिहार के मेडिकल कॉलेजों की दाखिला प्रक्रिया में होगी देरी

 पटना  
बिहार के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन में एक बार फिर विलंब होगा। कोरोना की वजह से अभी देश की तमाम परीक्षाएं विलंब से हो रही हैं। इस कारण इसे ट्रैक पर लाना मुश्किल होता दिख रहा है। इस बार नीट की परीक्षा एक अगस्त को होगी। इधर, एनटीए की ओर से अभी तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। हालांकि उम्मीद है कि जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। इसके लिए एक माह का समय दिया जाएगा। नीट का रिजल्ट कम से कम 15 से 20 दिनों में आएगा। ऐसी स्थिति में देशभर के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया सितंबर में शुरू होगी। पहले दो राउंड केंद्रीय कोटे के तहत नामांकन होगा। फिर मापअप राउंड होगा। इसमें में पूरा एक माह लगता है। 

इसके बाद ही राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन संभव है। बिहार से लगभग 70 से 80 हजार छात्र नीट की परीक्षा में शामिल होते हैं। यहां लगभग 1150 सीटें हैं। स्टेट कोटा की सीटें 950 के आसपास हैं। यहां के कॉलेजों में नामांकन के लिए कम से कम 540-575 अंक लाना होता है, तब जाकर नामांकन संभव है। नीट की परीक्षा विलंब से होने का सबसे बड़ा कारण है सीबीएसई की परीक्षा में विलंब होना। परीक्षा मई से जून तक होगी। इसका रिजल्ट भी एक माह में आएगा। 

परेशानी
– पहले केंद्रीय स्तर पर होगा नामांकन, फिर स्टेट कोटे पर नामांकन 
– एक अगस्त को होगी परीक्षा, तो कम से कम 15 दिन में आएगा रिजल्ट
– बिहार से 70 हजार के आसपास छात्र होते हैं शामिल

विनीत जोशी (एनटीए के निदेशक) ने कहा, नीट के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अप्रैल में शुरू हो जाएगी। अपीयरिंग उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। सीबीएसई की परीक्षा की वजह से नीट के आयोजन में विलंब हुआ है। 
 

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