सूचना के अधिकार 2005 के तहत माँगी गई जानकारी 30 दिवस मे कराये उप्लब्ध उच्च न्यायलय ने जारी किए आदेश
डिंडोरी
जिला मुख्यालय के एक युवक द्वारा आर टी आई के मध्यम से माँगी गई जानकारी नियमानुसार अबधि समाप्त होने के पश्चात भी प्राप्त ना होने से युवक ने उच्च न्यायालय मे की अपील यह मामला है डिंडोरी के कृषि उपसंचल्क किसान कल्याण तथा कृषि विभाग डिंडोरी का प्राप्त जानकारी के अनुसार रुपभान सिह पाराशर वार्ड क्रमांक 13 पुरानी डिंडोरी तहशील व थाना डिंडोरी जिला डिंडोरी द्वारा उक्त विभाग से जानकारी माँगी गई थी लेकिन आज दिनांक तक विभाग के अधिकारी के द्वारा जानकारी ना देना खुलेआम संविधान के नियमो का उल्लंघन करना है जबकि सूचना के अधिकार के तहत आम आदमी को यह अधिकार है की आर टी आई के तहत वह किसी भी विभाग से आवश्यकता अनुसार जानकारी प्राप्त कर सकता है ।किन्तु सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 का यहा खुलेआम नियम का उल्लघन किया जाना संदेह जनक है। प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक द्वारा लगातार प्रयासो के बावजूद भी जानकारी नही मिलने से उच्च न्यायालय जबलपुर में कृषि उपसंचालक (अश्वनी झारिया) किसान कल्याण तथा कृषि विभाग डिंडौरी को आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी आवेदक रूपभान सिंह पाराशर को उपलब्ध कराने के आदेश दिये हैं।
दिए गए आदेश पत्र में उल्लेख किया गया है कि डिंडौरी निवासी रूपभान सिंह पाराशर ने उप संचालक कृषि विभाग डिंडौरी में सूचना अधिकार अधिनियम के तहत 24/11/2022 को उल्लेखित विषयों पर जानकारी मांगी थी लेकिन समय सीमा में जानकारी नहीं मिलने से आवेदक रूप भान सिंह प्रथम अपीलीय न्यायालय में अपील की लेकिन वहां भी उसे सही जानकारी प्राप्त नहीं हुई थी। इसके पश्चात आवेदक राज्य सूचना आयोग में प्रकरण की अपील किया लेकिन प्रकरण का निराकरण नहीं होने पर आवेदक रूपभान सिंह पाराशर थक हार कर उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण में गया। जहाँ याचिका दायर करने के बाद जबलपुर उच्च न्यायालय ने कृषि उपसंचालक डिंडौरी अश्वनी झारिया को आवेदक रूप भान सिंह पाराशर के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश दिये हैं।
बता दें कि आदेश पत्र अनुसार उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार नकल प्राप्त हेतु आवेदन पेश करता है यदि आवेदक प्रश्नधीन नकल उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो 30 दिन के बाद उच्च न्यायालय के आदेश अवमानना के संबंध में कार्यालय के अधिकारी अश्वनी झारिया के खिलाफ प्प्रकरण पंजीबद्ध कराएगा।
