अधिवक्ता सम्यक जैन की शिकायत पर, चार सदस्यीय जॉच टीम ने लिया मौके का जायजा
डिंडोरी
नगर परिषद की मनमानी व लापरवाही की बड़ी लम्बी गाथा है।जिसे लोगो ने अपने अपने अंदाज मे बखान किया है। हलाकी लोगो के जुबान पर कोई ताला तो नही लगा सकता क्योकि इनके कारनामे से सभी वाकिफ है। इन दिनों नगर परिषद में व्याप्त अनियमितता को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जोर सौर से जारी है, सूत्रों की माने तो जिम्मेदारों के द्वारा बड़े पैमाने पर सरकारी धन का वेखोफ धड़ल्ले से मनमानी तरीके से उपयोग किया जा रहा है।। नगर में कराये गये सौंदर्यीकरण के कार्य समेंत विद्युतीकरण के कार्यो के दर को लेकर तरह-तरह की बात हो रही है। वही नपा अध्यक्ष के द्वारा बड़ा दावा करते हुए कहा गया है कि सूबे में सबसे अधिक विकास कार्य डिंडौरी नपा के अंतर्गत कराया गया है जिसमें लगभग 300 करोड़ रू. व्यय हुआ है। नगर के युवा अधिवक्ता सम्यक जैन के द्वारा संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग जबलपुर को शिकायत कर तमाम अनियमितताओं की जॉच हेतु शिकायत प्रेषित किया गया था।
शिकायतो को ध्यान मे रखते हुए
अधीक्षण यंत्री के द्वारा दिनॉक 05 जलाई को चार सदस्यी जॉच समिति गठित की गई थी,जिनके द्वारा मामले की जॉच करने 25 जुलाई को जॉच समिति डिंडोरी मे जॉच टीम मे नीलम चौहान सीएमओ पाटन,सुश्री नम्रता बरारे सहायक यंत्री नपा पनागर,आरके सोनी उपयंत्री नपा शहपुरा,स्वप्निल जैन उपयंत्री नपा पाटन डिंडौरी पहुॅच कर प्रवेश द्वारा,रानी अंवती बाई चौक के समीप सीसी रोड़,वार्ड न. एक के सीसी रोड समेत विद्युतीकरण एवं ओपन जिम समेत अन्य कार्यो की स्थितियों की मौके पर जायजा लिया है। इस तरह शिकायतकर्ता ने दीक्षित के कार्यकाल में कृय की गई समस्त प्रकार की सामग्री खरीदी के कृय आदेश, स्टॉक पंजी, एवं भुगतान किए गये बिलो समेत नस्ती की जॉच व कृय सामग्री का स्टॉक पंजी एवं भौतिक सत्यापन करने की मॉग की है। मुख्य मार्ग में विद्युतीकरण के कार्य की तकनीकी स्वीकृति नगरी प्रशासन विभाग के एसओआर से प्राप्त की गई है या नहीं इस संबध में भी दस्तावेजो के परीक्षण किया जाये ,उन्हौने पत्र में उल्लेख किया है कि निकाय में पदस्थ कर्मचारियों को मूल पद से हटा कर अन्य कार्य में लगा दिया गया है जिससे निकाय की व्यवस्था ठप हो गई है,जबकि अगर कोई मूल पद का कर्मचारी कार्य नहीं कर रहा तो उस पर अनुशासनिक कार्रवाई किया जाना चाहिए।
नपा द्वारा स्वच्छता अभियान के अंतर्गत फ्लैक्स एवं दीवार लेखन के कार्य की दरें नगरी प्रशासन विभाग द्वारा तय की गई हैं उसके पश्चात भी निकाय में स्थानीय स्तर पर टेंडर लगाकर अधिक दर पर भुगतान करने का आरोप है , स्वच्छता अभियान के तहत प्रचार-प्रसार,दीवार लेखन, फ्लेक्स के नाम पर विगत 2-3 वर्षो में की गई भुगतान के जॉच करने की मॉग की गई है। नपा द्वारा लाखों रुपए की पाइपलाइन क्रय की गई है जबकि पाइप लाइन डालने का कार्य प्राक्कलन तैयार कर कृय किया जाना था अगर जॉइंट जोड़ने की बात होती तो बिना प्राक्कलन के किया जा सकता था लेकिन यह काम लाखों रुपए का था इसीलिए प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति उपरांत ई टेंडर के माध्यम से खरीदी किया जाना था लेकिन स्वार्थपूर्ति के लिए नपा के खजाने को नुकसान पहूॅचाने का आरोप हैं। आरोप है कि नपा द्वारा विद्युतिकरण के कार्यो में 18 फीसदी जीएसटी का भुगतान किया गया है जो कि नियम विरूध्द है।
वही फाइलों का एस्टीमेट नगरी प्रशासन विभाग के एसओआर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त ना कि जाकर एमपीईबी के एसओआर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कि गई है जबकि अगर दोनों विभाग के एसओआर की तुलना की जाए तो नगरी प्रशासन की दरें कम है, सघनता से जॉच में जिम्मेदारों की मंषा जगजाहिर होगी। वही नपा द्वारा किराये से लगाये गये वाहनो के अनुबंध,विज्ञापन,लॉगबुक एवं डीजल व्यय की जॉच की मॉग की गई है। नपा द्वारा ट्रैक्टर और फायर ब्रिगेड के नाम से डीजल जारी कि जा रही है, विगत 2 वर्षो में नपा द्वारा वाहनो के नाम पर काटे गये डीजल पर्ची और वाहनो की लॉगबुक की जॉच करने की बात शिकायत में उल्लेख है। तमाम आरोपों की जॉच समिति द्वारा की गई है,आने वाले कुछ ही दिनो में जॉच प्रतिवेदन सामने आने के बाद जिम्म्मेदारों की कारगुजारियॉ जगजाहिर हो जायेगी ।
