यूपी के ग्रामीण बैंकों में अब 24 घंटे में मंजूर होगा लोन, आसान होगा कर्ज लेना

लखनऊ
 
यूपी के ग्रामीण बैंकों में कर्ज लेना आसान होगा। 24 घंटे लोन मंजूर हो जाएगा। यूपी के ग्रामीण बैंक अब हफ्ते में एक दिन चार घंटे ज्यादा काम करेंगे। इस बढ़े हुए समय का उपयोग लघु उद्यमियों की कर्ज लेने संबंधी समस्याओं के समाधान में होगा। तय हुआ है कि अब हर शनिवार को सभी ग्रामीण बैंक शाम छह बजे तक खुलेंगे। इस संबंध में सभी तैयारियां कर ली गई हैं। सभी बैंकों को निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके तहत एमएमएमई सेक्टर से जुड़े उद्यमियों को जल्द कर्ज मिल सकेगा। इसमें ओडीओपी से जड़े कारीगरों को भी कर्ज लेने में सहूलियत होगी। प्रदेश में इस समय तीन ग्रामीण बैंक आर्यावत ग्रामीण बैंक, प्रथमा व सर्व यूपी ग्रामीण बैंक हैं। इनसे जुड़ी 6000 ग्रामीण बैंक  शाखाएं हैं।

संस्थागत वित्त विभाग ने सभी बैंकों से कहा है कि वह आए आवेदन पर 24 घंटे में कर्ज स्वीकृत करने का काम करें। अगर किसी आवेदक बैंक कर्ज संबंधी सारी औपचारिकताएं पूरी हैं तो उसे हर हाल में एक दिन में कर्ज मंजूर होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह लाभार्थी शिकायत सेल में शिकायत कर सकता है।

ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर ठेले-खोमचे वाले पाएंगे ज्यादा कर्ज
यूपी में ठेले खोमचे रेहड़ी दुकानदारों को अब हाईटेक बनाने की तैयारी है। वह अपने काम धंधे में जितना  डिजिटल लेनेदेन अपनाएंगे वह उतना ही अपना कारोबार बढ़ा पाएंगे। ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर उन्हें ज्यादा कर्ज मिल सकेगा।  स्वनिधि योजना के तहत योगी सरकार छोटे गरीब पटरी दुकानदार व ठेले खोमचों वालो को दस हजार रुपये का आसान कर्ज देती है। साथ ही उन्हें क्यूआर कोड दिया गया है ताकि वह इसकी मदद से  ग्राहकों से नगद लेने के बजाए डिजिटली भुगतान प्राप्त करें। सरकार ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए तय किया है कि ज्यादा डिजिटली लेनदेन करने पर उसे पहले बीस हजार का अतिरिक्त कर्ज मिलेगा। और बेहतर करने पर पचास हजार का ब्याज मुक्त कर्ज मिल सकेगा। कर्ज समय से चुकाने पर सालाना ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है। किसी दुकानदार ने कितनी बार डिजिटल पेमेंट ग्राहक  से कराया, यह क्यूआर कोड से पता  चल जाएगा।  

इनका कहना है

सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहित कर रही है। डिजिटल  भुगतान बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।  राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब अगले छह महीने में 51 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उद्यमियों को बैंकों द्वारा दिलाया जाएगा।
शिव सिंह यादव-महानिदेशक संस्थागत वित्त  

 

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