व्यापारियों को राहत, जिले के भीतर माल भेजने पर नहीं बनाना होगा ई- वे बिल
भोपाल
प्रदेश के व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब जिले के भीतर माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए उन्हें ई-वे बिल नहीं बनाना होगा। एक जिले से दूसरे जिले में भी एक लाख रुपए तक के माल को भेजने पर ई-वे बिल भेजने की जरूरत नहीं होगी।
वाणिज्यिक कर आयुक्त लोकेश जाटव ने इस संबंध में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए है। मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर नियम के तहत राज्य कर आयुक्त और मुख्य आयुक्त केन्द्रीय कर से परामर्श के बाद वाणिज्यिक कर विभाग ने पूर्व में जारी अधिसूचनाओं को अधिक्रमित करते हुए माल संचालन के लिए ई-वे बिल बनाए जाने के लिए नये सिरे से नियम बनाए है। जिले के भीतर किसी भी कीमत के सभी प्रकार के माल भेजने पर ई-वे बिल नहीं बनाना होगा। एक जिले से दूसरे जिले में माल भेजने पर एल लाख रुपए तक के माल पर ई-वे बिल जरूरी नहीं होगा। इससे अधिक के माल भेजने पर ई-वे बिल जारी करना पड़ेगा। एक जिले से दूसरे जिले में तंबाकू और उसके उत्पादों जैसे च्यूइंगम टोबैको खैनी, सिगरेट, बीड़ी और पान मसाला पचास हजार रुपए तक की कीमत का भेजने पर ई-वे बिल जरूरी नहीं होगा। इससे अधिक के लिए ई-वे बिल अभी भी जारी करना होगा। मेडिसिन, सर्जिकल गुड्स और मेडिसिन के एक्टिव फार्मेस्यूटिकल इनग्रेडिएंस जिनके एचएसएन कोड 3003, 3004 और 3006 है उनके एक जिले से दूसरे जिले में संचालन पर भले ही वे कितनी ही कीमत के हो ई-वे बिल सृजित नहीं करना होगा। इन सामग्री के अलावा अन्य किसी भी प्रकार के मालों के राज्य के भीतर संचालन की दशा में ई-वे बिल सृजित किया जाना जरूरी होगा।
