कांग्रेस लीडर अधीर रंजन के नाम से विवादास्पद tweet ने मचाया बवाल

नई दिल्ली
उधर, लंदन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी  ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में 'Ideas for India' कार्यक्रम में भाजपा पर प्रहार करते हुए 'भारत की इमेज' को लेकर चौंकाने वाले शब्द बोल गए। जैसे-'भारत की स्थिति अच्छी नहीं है। BJP ने देशभर में केरोसिन छिड़क रखा है।' इधर, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधीकी 31वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस लीडर अधीर रंजन चौधरी के नाम से एक विवादास्पद tweet वायरल हो गया।  ट्वीट से राजनीति गर्मा गई है। हालांकि चौधरी ने इसे फर्जी बताया है।

उन्होंने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश में हुए सिख दंगों को लेकर कहे गए राजीव गांधी के कथन-जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तो जमीन हिलती है' का जिक्र किया। जब मामला तूल पकड़ा, तो उसे हटा लिया गया। हालांकि अधीर रंजन ने सफाई दी कि यह tweet उनके नाम के विरुद्ध इस्तेमाल किया गया है। इस tweet का उनके ऑब्जर्वेशन से कोई लेनादेना नहीं है। मेरे विरोधी ताकतों द्वारा एक दुर्भावनापूर्ण अभियान का प्रचार किया जाता है। हालांकि यूजर्स ने tweet करके लिखा कि उनका ओरिजनल tweet यह है। दरअसल, न्यूज एजेंसी ANI ने लिखा कि कांग्रेस लीडर अधीर रंजन ने अपना tweet हटा लिया है।

कांग्रेस पर चारों तरफ से हमला
भले ही अब यह tweet गायब हो चुका है, लेकिन न्यूज एजेंसी ANI ने इसका स्क्रीन शॉट शेयर किया है। इस ट़्वीट के बाद भाजपा, पंजाब लोक कांग्रेस और अकाली दल सब एक साथ कांग्रेस पर हमलावर हो गए हैं। भाजपा नेता मनजिंदर सिरसा ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार आज भी सिखों से इतनी नफरत करता है। यह कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए। दिल्ली पुलिस को नफरत फैलाने के इल्जाम में उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने कहा कि क्या यह जरूरी था कि राजीव गांधी को सम्मान देने के लिए सिखों के जख्मों पर नमक छिड़का जाए?

राजीव गांधी ने दिल्ली बोट क्लब में कहा था
31 अक्टबूर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के कई राज्यों जैसे-उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में सिख विरोधी दंगों में 3325 लोग मारे गए थे। अकेले दिल्ली 2733 लोगों को मार दिया गया था। इसे आजाद भारत(1947-भारत-पाक विभाजन के बाद) का सबसे बड़ा दंगा माना गया। 19 नवंबर को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने दिल्ली बोट क्लब पर भीड़ के सामने कहा था, "जब इंदिरा जी की हत्या हुई थी, तो हमारे देश में कुछ दंगे-फसाद हुए थे। हमें मालूम है कि भारत की जनता को कितना क्रोध आया, कितना ग़ुस्सा आया और कुछ दिन के लिए लोगों को लगा कि भारत हिल रहा है। जब भी कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती थोड़ी हिलती है।"

बता दें कि राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर देशभर में कई कार्यक्रम हुए इस मौके पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने उनके समाधि-स्थल 'वीर भूमि' पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, लंदन में मौजूद  राहुल गांधी ने कहा कि उनके पिता एक दूरदर्शी नेता थे, जिनकी नीतियों ने आधुनिक भारत को आकार देने में मदद की।

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