नौसेना को मिले दो युद्धपोतों ‘सूरत’ और ‘उदयगिरी’, और अधिक ताकतवर हुई

मुंबई
 मुंबई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मझगांव डॉक पर भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के स्वदेश निर्मित दो युद्धपोतों ‘सूरत' और ‘उदयगिरी' का जलावतरण किया। म इसी के साथ अब भारतीय नौसेना पहले से और अधिक ताकतवर हो गई है। झगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) ने एक बयान में बताया कि पहली बार स्वदेश निर्मित दो युद्धपोतों का जलावतरण किया गया है। एमडीएल, प्रमुख जहाज एवं पनडुब्बी निर्माण करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कम्पनी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुंबई में भारतीय युद्धपोतों के शुभारंभ के दौरान कहा कि आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस 'सूरत' के सफल प्रक्षेपण के बाद, इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया के लिए भी जहाज निर्माण करेंगे। हम न केवल मेक-इन-इंडिया बल्कि मेक-फॉर-वर्ल्ड के लिए भी लक्ष्य रखेंगे। सिंह ने कहा कि कोविड-19 और रूस और यूक्रेन के बीच चल रही उथल पुथल के बीच इन विध्वंसकों का शुभारंभ करना हमारी समुद्री क्षमता और आत्मनिर्भरता की एक मिसाल है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में 50 से अधिक जहाज और पनडुब्बियां बन रही हैं, और भारतीय नौसेना में लगभग 150 जहाज और पनडुब्बियां पहले से ही शामिल हैं।

जानें दोनों युद्धपोतों की खूबियां
नौसेना ने बताया कि जहाज ‘सूरत', प्रोजेक्ट 15बी कार्यक्रम के तहत बनने वाला चौथा और अंतिम विध्वंसक पोत है, जिसमें रडार को चकमा देने की प्रणाली है। यह पी15ए (कोलकाता श्रेणी) विध्वंसक के एक महत्वपूर्ण बदलाव का परिचायक है। गुजरात की वाणिज्यिक राजधानी और मुंबई के बाद पश्चिमी भारत के दूसरे सबसे बड़े वाणिज्यिक केंद्र सूरत शहर के नाम पर इसका नाम रखा गया है। प्रोजेक्ट 15बी श्रेणी के जहाज भारतीय नौसेना की अगली पीढ़ी के स्टेल्थ (रडार को चकमा देने में सक्षम) निर्देशित मिसाइल विध्वंसक हैं, जिन्हें मुंबई में मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) में बनाया जा रहा है।

दूसरा पोत ‘उदयगिरि' ‘प्रोजेक्ट 17ए' फ्रिगेट कार्यक्रम का हिस्सा है। ‘उदयगिरि' पोत का नाम आंध्र प्रदेश की पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है। यह प्रोजेक्ट 17ए फ्रिगेट्स के तहत तीसरा पोत है। यह पी17 फ्रिगेट (शिवालिक श्रेणी) का उन्नत संस्करण है, जो बेहतर हथियार, सेंसर तथा मंच प्रबंधन प्रणाली से लैस है। इन 15बी और पी17ए दोनों जहाजों का डिजाइन नौसेना डिजाइन निदेशालय द्वारा तैयार किया गया है।

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