दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ीं, गलत ट्वीट करने पर दर्ज हो सकता है केस
भोपाल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ गई है। खरगोन मामले में एक गलत ट्वीट करने पर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा दिग्विजय ने एक धार्मिक स्थल पर युवक द्वारा भगवा झंडा फहराने का फोटो सहित ट्वीट किया है। वह मध्य प्रदेश का नहीं है, दिग्विजय सिंह का यह ट्वीट प्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाने का षडयंत्र है और प्रदेश को दंगे की आग में झोंकने की साजिश है, ये अपराध है जो क्षमा योग्य नहीं है, सभी वैधानिक कार्यवाही होगी, हमारी डयूटी है कि हम प्रदेश में शांति स्थापित करें।
कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रियों को को मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। बैठक के पहले गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने अब तक भू माफियाओं, गुंडो, आदतन अपराधियों के खिलाफ की गई कार्यवाही का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक बारह हजार करोड़ रुपए की पंद्रह हजार चार सौ एकड़ जमीन मुक्त कराई गई।
ये किया दिग्गी ने
दिग्विजय सिंह ने आज सुबह एक ट्वीट किया, इसमें लगाए गए फोटो में कुछ लोग मस्जिद में भगवा झंडा लगाते हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बाद इस ट्वीट पर बवाल शुरू हो गया। लोगों ने बताया कि यह फोटो खरगोन का नहीं बल्कि बिहार का है। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने उस ट्वीट को हटा लिया।
कैदी से दिग्गी की मुलाकात कराने वाला अधीक्षक सस्पेंड
ग्वालियर में सोमवार को एक बंदी से जेल अधीक्षक के कमरे में दिग्विजय सिंह ने मुलाकात की थी, इस पर जेल अधीक्षक को सस्पेंड करने के निर्देश जेल मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिए हैं। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश को बदनाम करने के लिए और सांप्रदायिक तनाव फैलाने के लिए दिग्विजय सिंह पर कार्यवाही किये जाने के लिए विधि विशेषज्ञों से सलाह कर रहा हूं।
अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हैं दिग्विजय: वीडी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिग्विजय सिंह के विरुद्ध जांच कराने और कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से वे प्रदेश में अशांति फैलाने के लिए काम कर रहे हैं, उससे साफ हो चुका है कि वे अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हैं और एमपी को अस्थिर करने की पुरजोर कोशिश में विदेशी ताकतों के साथ जुटे हैं। उनके विरुद्ध गंभीर एक्शन होना चाहिए।
