विधानसभा में अब याचिका नहीं आवेदन स्वीकार की जाएगी

भोपाल
 विधानसभा में अब याचिकाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी बल्कि आवेदन स्वीकार किए जाएगे। इसक लिए विधानभा की नियम समिति ने याचिका समिति का नाम बदलकर अभ्यावेदन समिति कर दिया है। इसके लिए विधानसभा सचिवालय ने नियमों में भी संशोधन कर दिया है।

विधायक जनहित के कामों को कराने के लिए अभी तक विधानसभा में याचिका लगाते थे।इसमें स्कूल खोलने, सड़क बनाने, सामुदायिक केन्द्र के निर्माण, नालियों के निर्माण, पेयजल योजनाओं को शुरु करने, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र शुरु करने जैसे काम याचिका के जरिए करवाए जाते थे। विधायक अपने क्षेत्र के कामों के लिए अपने हस्ताक्षर कर विधानसभा में याचिकाएं लगाते थे।

विधानसभा अध्यक्ष सत्र के दौरान इन याचिकाओं को स्वीकार कर कार्यसूची में शामिल करते थे। कार्यसूची में शामिल याचिकाओं पर विधानसभा की याचिका समिति सुनवाई करती थी और अपनी रिपोर्ट सदन में पटल पर रखती थी। याचिकाओं का उपयोग अदालतों में भी होता है। लेकिन जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिये याचना नहीं करना चाहिए इसलिए इसे अब आवेदन नाम दिया गया है।

यशपाल सिंह सिसोदिया को अभ्यावेदन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।  विधानसभा सचिवालय ने राजपत्र में इसका प्रकाशन कर इसे वैधानिक रुप दे दिया है। आगे से विधायक द्वारा दी जाने वाी याचिका , आवेदन और जनता द्वारा दी जाने वाली याचिका अभ्यावेदन कहलाएंगे। आवेदन देने वाले  के नाम और पद के साथ उसके निवास के साथ आवेदन प्रपत्र अब विधानसभा में स्वीकार किया जाएगा।

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