कैबिनेट: ग्रामीण परिवहन नीति मंजूर, गांव में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को छूट

भोपाल
प्रदेश में किसानों को खरीफ फसल का ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर पंद्रह अप्रैल कर दिया है। इसके अलावा किसानों को व्हाट्सएप पर बी-1 खसरे की नकल और ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ग्रामीण परिवहन नीति लागू करेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि किसानों को खरीफ फसल का ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर पंद्रह अप्रैल कर दिया है। किसान डिफाल्टर नहीं हो इसलिए यह अवधि बढ़ाई है। इस बढ़ी अवधि का साठ करोड़ रुपए का ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी।

 वहीं परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत ने बताया कि  ग्रामीण अंचलों ग्रामीण परिवहन नीति सरकार लागू करने जा रही है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रुप में विदिशा में शुरु किया जाएगा। इसे विदिशा के साथ एक ट्रायबल जिलों में भी शुरु करने वे अपने विभाग के अफसरों से चर्चा करेंगे। जैसे ही यह योजना सफल होती है इसे पूरे प्रदेश में लागू करेंगे। बड़ी बसों के समय से इसे जोड़ा जाएगा। इस नीति के तहत प्रदेश में ग्रामीण मार्गो पर सात सीटर और बीस सीटर यात्री बसे एक वाहन चालक की अतिरिक्त सीट के साथ संचालित की जा सकेंगी। ग्रामीण परिवहन सेवा हेतु संचालित वाहनों पर मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम के तहत देय मासिक मोटरयान कर में पूर्णत: छूट दी जाएगी।

तीन महीने के लिए नीलाम होंगी रेत खदाने
 मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के जिन जिलों में रेत के ठेके नहीं उठे है वहां राज्य सरकार तीन महीने के लिए रेत खदानें नीलाम करेगी। ई नीलामी हेतु  ऐसी खदानों को वरीयता दी जाएगी जिनमें वैधानिक स्वीकृतियां जैसे माइनिंग प्लान, ईसी, सीटीओ स्वीकृत है। यह नीलामी तीन माह अथवा समूह के नवीन ठेकेदार द्वारा अनुबंध निष्पादन जो भी पहले हो के लिए किया जाएगा। इसके लिए रेत नियम के अंतर्गत जो ठेके समर्पित और निरस्त हुए है वहां की सभी रेत खदानों को दस दिन की ई नीलामी के माध्यम से छोटे समूह बनाकर इनके ठेके कलेक्टर आबंटित करेंगे। पहली बार ई नीलामी की प्रक्रिया असफल होंने पर दूसरी बार की ई नीलामी की सूचना पांच दिन में जारी की जाएगी।

मोबाइल पर 181 की सुविधा
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि 181 के माध्यम से लोक सेवा गारंटी की सुविधाएं अब मोबाइल पर भी मिल सकेगी। मोबाइल पर वाट्सएप करके खसरा, बी-1 नक्शे की नकल , ऋण पुस्तिका भी दी जाएगी। इसका दस रुपया शुल्क रहेगा। सेमरिया माइक्रो सिचाई परियोजना को मंजूरी दी गई। इससे   86 गांव लाभान्वित होंगे और  नौ हजार हेक्टेयर में इससे सिचाई हो सकेगी। परियोजना की लागत 158.6 करोड़ है।

निजी विवि संशोधन विधेयक को मंजूरी
मिश्रा ने बताया मध्यप्रदेश में चालीस निजी विवि है। इनमें से चार निजी विवि की स्थापना के संबंध में 22 फरवरी 2022 को अध्यादेश जारी किया गया था। प्रेस्टीज विवि इंदौर,टाइम्स भोपाल, पिटी ग्लोबल शिवपुरी, एलएनसीटी विध्यापीठ विवि इंदौर को कैबिनेट ने सहमति दी है। विधेयक को वरिष्ठ सचिव समिति ने अनुमोदित किया है। राज्यपाल की अनुमति इस पर मिल गई है। भांग भांग घोटा और मिठाई की दुकानों को दस प्रतिशत वृद्धि करते हुए रिन्यूअल किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आयुष , उद्यानिकी विभाग को देवारण्य योजना शुरु करने मंजूरी दी गई है।

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