नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता, केवल 28 दिनों में 56 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 33 गिरफ्तार !

जगदलपुर
 छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि राज्य में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान और आत्मसमपर्ण नीति से प्रभावित होकर राज्य में माओवादी अभियान कमजोर पड़ने लगा है। राज्य सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त कार्रवाई में माओवादी समाज की मुख्यधारा की तरफ लौटते हुए नजर आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि फरवरी महीने के 28 दिनों में ही राज्य में 56 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो कि पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की सफलता बयान करने के लिए काफी है। आगे बताया गया कि फरवरी माह में 33 नक्सली गिरफ्तार भी किये गए ,जबकि अलग-अलग मुठभेड़ में 3 नक्सलियों की मौत भी हुयी है। नक्सल विरोधी अभियान क तहत पुलिस ने फरवरी महीने में दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में कार्रवाई करते हुए 3 नग हथियार बरामद करने के साथ 11 नग आईईडी को निष्क्रिय किया था ।
 

पुलिस उपमहानिरीक्षक (नक्सल अभियान) की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक दंतेवाड़ा जिले में पुलिस को यह सूचना मिली थी कि जिले के ग्राम बुरगुम के पहाड़ी जंगलों में नक्सलियों की मलांगेर एरिया कमेटी के सदस्य अर्जुन उर्फ लखमा सोड़ी के साथ बड़ी संख्या में माओवादी जमा हैं। देर रात पुलिस पार्टी पर माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमे पुलिस बल की तरफ से किए गए जवाबी हमले में अर्जुन उर्फ लखमा सोड़ीमारा गया है ।

पुलिस प्रशासन की तरफ से जारी की गई जानकारी में यह भी बताया गया कि बीजापुर के ग्राम दुरधा मेट्टा के पहाड़ी जंगलों में हथियारबंद माओवादियों के जमा होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल सर्चिंग करते हुए वहां पहुंचा । इस दरमियान 50-60 माओवादियों के दल ने पुलिस बल पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस बल की तरफ से भी फायरिंग की गयी। फायरिंग रुकने के बाद घटनास्थल का मुआयना करने के पर 02 अज्ञात महिला माओवादियों का शव बरामद हुआ है।
 
कांग्रेस थपथपा रही अपनी पीठ
इधर सरकार की माओवादियों के हौसले पस्त होने के दावे के बीच छत्तीसगढ़ की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी भी अपनी पीठ थपथपा रही है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि केंद्र सरकार के जारी रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में नक्सलवादी घटनाओं में लगभग 80 प्रतिशत की कमी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की तरफ से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने विश्वास विकास और सुरक्षा के नीति के तहत काम किये जाने का परिणाम दिखने लगा है कि बीते 3 वर्ष में छत्तीसगढ़ में नक्सली घटनाओं में लगभग 80 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

 
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र की जनता को अब विश्वास हो रहा है कि छत्तीसगढ़ में उनकी सरकार है। भूपेश सरकार जनता की शिक्षा स्वास्थ्य ,रोजगार ,कानूनी अधिकार, जल जंगल जमीन की रक्षा के लिए काम कर रही है। बघेल सरकार कई योजनाएं बनाकर नक्सल प्रभावित इलाकों की जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए काम कर रही हैं, इसके चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जनता का विश्वास और सुरक्षा में लगे जवानों के प्रति जगा है और नक्सली पस्त होकर अब आत्मसमर्पण करके समाज की मुख्यधारा की ओर लौट रहे है।

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