कांग्रेस की सदस्यता का टारगेट पूरा होना मुश्किल, 31 मार्च है तक बनाए जाना है सदस्य
भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सदस्यता का टारगेट पूरा होता मुश्किल दिखाई दे रहा है। सदस्यता अभियान अब सिर्फ तीन दिन का बचा हुआ है। इन तीनों दिनों में पार्टी को लाखों सदस्य अभी और बनाना होंगे तब जाकर टारगेट पूरा होगा, लेकिन समय कम होने के चलते लक्ष्य को पूरा करना अब आसान नहीं होगा। मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव होने से पहले सदस्यता अभियान अब अंतिम दौर में है। इसकी अंतिम तारीख 31 मार्च है और सदस्यता के लिए जो किताबें जिला कांग्रेस कमेटियां व पदाधिकारी ले गए थे, वे बहुत कम संख्या में वापस लौटी हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने इस बार 50 लाख सदस्य बनाने का टारगेट रखा था जिसे पूरा करने के लिए दो लाख 55 हजार किताबें वितरित की गई थीं। एक किताब में 25 सदस्य बनाए जा सकते हैं और इस हिसाब से करीब 64 लाख सदस्य बन सकते हैं। इसके अलावा डिजिटली भी सदस्य बनाए जाने की पहली बार व्यवस्था प्रदेश में हुई है।
पिछली बार 20 लाख सदस्य बने थे
इससे पहले तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के समय भी सदस्यता अभियान चला था, जिसमें करीब 20 लाख सदस्य कांग्रेस के बने थे। तब बीस लाख सदस्य बनाए जाने का ही टारगेट तय हुआ था। यह टारगेट 2017 में पूरा हुआ था।
15 से 20 लाख सदस्य बनाए जाने की संभावना
सूत्रों की मानी जाए तो अभी तक करीब ढाई लाख सदस्य बनाए जाने का लेखा-जोखा प्रदेश कांग्रेस के पास आ चुका है। अभी 31 मार्च तक जिला कांग्रेस कमेटियों में सदस्यता की किताबें जमा होंगी और फिर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में इन्हें जमा किया जाएगा। प्रदेश कार्यालय तक 3-4 अप्रैल तक सभी सदस्यों का सदस्यता शुल्क और फार्म जमा हो जाएंगे। हालांकि हाल ही में एआईसीसी के सचिव एवं प्रदेश के सह प्रभारी सीपी मित्तल ने दावा किया है शाजापुर में कांग्रेस ने अपना टारगेट पूरा कर लिया है। मित्तल ने दावा तो कर दिया लेकिन इसकी जानकारी अभी पीसीसी तक नहीं पहुंची है।
