म्यूजिक इन द पार्क: संगीत की ध्वनियों में सराबोर हुए दिल्ली के लोग

 नई दिल्ली

एक कहावत है कि संगीत आत्मा तक जाने वाला पुल है। वैसे तो कोरोना महामारी के दौर में संगीत जगत का भी नुकसान हुआ और दर्शक अपने पसंदीदा संगीत कलाकारों से रूबरू नहीं हो पाए। लेकिन अब जबकि कोरोना पाबंदियां हटाई गईं तो दिल्ली-एनसीआर में ऐसे संगीत रसिक जो संगीत समारोहों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे उनका इंतजार खत्म हुआ। 'म्यूजिक इन द पार्क' नाम से आयोजित हुए दो दिवसीय संगीत समारोह में संगीत प्रेमी सराबोर ही उठे और अपने पसंदीदा कलाकारों से भी रूबरू हुए।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी पहुंचे
दरअसल, एसआरएफ फाउंडेशन और स्पिक मैके की तरफ से दो दिनी संगीत जलसे का आयोजन दिल्ली के चाणक्यपुरी ​में स्थित नेहरू पार्क में हुआ। इस जलसे में देश के नामचीन संगीत कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया। यह दो दिनी समारोह 26 से शुरू हुआ और 27 मार्च को इसका समापन हुआ। कार्यक्रम में बतौर अतिथि मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में शिरकत करने आईं मशहूर गायिका परवीन सुल्ताना ने कहा, "दो साल बाद अपने फैन्स के बीच परफॉर्म करके मुझे बहुत खुशी हो रही है। स्पिक मैके को धन्यवाद करना चाहूंगी। यहां आकर युवाओं का जो उत्साह देखने को मिला, वो काफी अच्छा लगा। मुझे बेहद खुशी होती है। मैं चाहती हूं कि पूरी दुनिया में घर-घर में भारतीय शास्त्रीय संगीत लोकप्रिय हो। मैं चाहती हूं कि जो भी पीढ़ियां आगे आएंगी। वो हमारे बारे में जानें। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत एक डिवाइन कल्चर है। ये सबको जोड़कर रखता है।"

पहले दिन इन कलाकारों ने बांधा समां
इस जलसे की शुरुआत शनिवार शाम चार बजे से हुई और इसके शुरूआती कार्यक्रम में संजीव और अश्विनी शंकर के शहनाई वादन ने समां बांध दिया। इसके बाद संजय सुब्रमण्यम और उल्हास काशलकर ने राग भैरवी से सबका मन मोहा। विक्कू विनायक्रम के घाटम वादन पर सब दर्शक झूम उठे। इन कार्यक्रमों के बाद प्रवीण सुल्ताना ने भी समा बांध दिया। इसके साथ ही पहले दिन के कार्यक्रम का समापन हुआ।

दूसरे दिन साजन मिश्र की प्रस्तुति से झूम उठे दर्शक
इस जैसे में शामिल हुए संगीत प्रेमियों अब इंतजार अगले दिन का था। इसी कड़ी में रविवार शाम चार बजे से फिर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिसमें सबसे पहले बहाउद्दीन डागर का रूद्र वीणा वादन हुआ। जिसके बाद तेजस मजूमदार का सरोद वादन हुआ। इसके बाद विदुषी अश्विनी भिड़े देशपांडे की राग-रागनियों से शाम गुलजार हुई। समारोह में ही देश के वरिष्ठ शास्त्रीय गायक साजन मिश्र ने शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया, इसे सुनकर दर्शक झूम उठे।

एसआरएफ फाउंडेशन और स्पिक मैके का संयुक्त आयोजन
यह जलसा एसआरएफ फाउंडेशन और स्पिक मैके का संयुक्त आयोजन था। स्पिक मैके युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संस्था देश के कुशल कलाकारों से उन्हें रूबरू कराता रहा है। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ रही युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए इस सांस्कृतिक मुहिम की शुरुआत वर्ष 1977 में की गई थी। इसके तहत भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, लोकगीत, कविता, रंगमंच, पारंपरिक चित्र, शिल्प और योग के कार्यक्रमों को स्कूल व कॉलेजों में आयोजित किया जाता है।

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