पुलिस करेगी इंटेलिजेंस मजबूत, 535 गांव और शहरों के 10% वार्ड रउ-रळ क्राइम के हॉट स्पॉट

भोपाल
मध्य प्रदेश के 535 गांव और शहरों के लगभग 10 फीसदी वार्ड एससी-एसटी के लोगों पर अपराध के मामलों में हॉट स्पॉट बने हुए हैं। इन क्षेत्रों में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने तेजी से काम शुरू किया है। जिसमें तहत अब जन चेतना शिविरों में बढ़ोतरी करने के साथ ही इंटेलिजेंस को भी मजबूत किया जाएगा। इन अपराधों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय की एससी- एसटी शाखा के एडीजी राजेश गुप्ता ने सभी पुलिस अधीक्षकों और एजेके शाखा के जिलों में पदस्थ उच्च अफसरों को निर्देश दिए हैं कि हॉट स्पॉट वाले क्षेत्रों में इंटेलिजेंस को मजबूत किया जाए, ताकि पूर्व में सूचना मिलने पर ऐसे अपराधों को रोकने के प्रयास किये जा सकें। वहीं ऐसे क्षेत्रों में चल रहे जनचेतना शिविरों की भी संख्या बढ़ाई जाए। अभी इन क्षेत्रों में सालभर में करीब 200 शिविर लगते थे, लेकिन अब इन शिविरों की संख्या बढ़ाकर एक हजार करना की जा रही है। जिसमें सभी वर्गो के लोगों को एक साथ बैठाया जाता है, एनजीओ की भी मदद ली जाती है। शिविर के जरिए समरसता का माहौल बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाता है।

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रति होने वाले अपराधों में ऐसे गांव और शहरों के वार्ड जहां पर साल भर में कम से कम एक या दो अपराध एससी-एसटी वर्ग के प्रति होते ही हैं। उन्हें हॉट स्पॉट की श्रणी में रखा गया है। ऐसे गांवों की संख्या प्रदेश में 535 हैं, जबकि प्रदेश के सभी शहरों के 10 फीसदी वार्डों में कम से कम एक अपराध होता ही हैं। इन सभी जगहों में पिछले पांच साल से ऐसी स्थिति बनी हुई है। इसलिए इन सभी क्षेत्रों को पुलिस में हॉट स्पॉट माना गया है।

इनका कहना
हॉट स्पॉट वाले क्षेत्रों में एससी-एसटी वर्ग के लोगों के प्रति अपराधों पर पूरी तरह से अंकुश लग सके, इसे लेकर निर्देश दिए गए हैं। हमारा प्रयास है कि इन क्षेत्रों में इस साल कम से कम 1 हजार जनचेतना शिविर लगाए जाएं, ताकि समरसता का माहौल बनाया जा सके। आसूचना तंत्र को भी मजबूत रखने का कहा गया है।
राजेश गुप्ता, एडीजी एजेके, पुलिस मुख्यालय

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