वित्त ने तय किया सूचकांक की गणना का फार्मूला, निरस्त परियोजना पुन: प्रारंभ हो सकेंगी
भोपाल
वित्त विभाग ने वित्तीय प्रबंधन के लिए बजट को सूचकांक से जोड़ दिया है। कोविड रोकथाम, उपचार और बांध सुरक्षा, बांध पुर्नवास और अग्नि प्रतिरोधक व्यवस्था से जुड़े कामों के लिए वित्त विभाग सूचकांक में आवश्यक छूट भी दी जाएगी।
वित्त विभाग ने निर्माण विभागों के कामों के लिए सूचकांक की गणना का फार्मूला भी तय कर दिया है। इसके लिए तीन फार्मूले तय किए गए है। विभाग द्वारा मंजूर की गई सकल राशि में से इनके विरुद्ध वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में हुए खर्च को घटाने के बाद वार्षिक पूंजीगत उपलब्धता के अनुसार सूचकांक की गणना होगी। इसी तरह स्वीकृत टेंडर में संविदा के लंबित दायित्व और भू अर्जन की राशि तथा वन विभाग को दी जाने वाली राशि जोड़कर इन स्वीकृत टेंडरों के विरुद्ध वित्तीय वर्ष के प्रारंभ की स्थिति में खर्च और वार्षिक पूंजीगत उपलब्धता से गणना होगी।
तीसरे फार्मूले में स्वीकृत टेंडर के अंतर्गत संविदा के लंबित दायित्व में दी जाने वाली राशि में से स्वीकृत टेंडर के विरुद्ध वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में खर्च और वार्षिक पंूजीगत उपलब्धता से सूचकांक तय होगा। जलसंसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण और पीएचई के लिए सूचकांकों की अधिकतम सीमा भी तय की गई है।
बदली हुई परिस्थितियों में प्रशासकीय विभाग पूर्व में स्थगित परियोजनाओं को पुन: प्रारंभ करना चाहता है तो वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखकर वित्त विभाग की सहमति से ऐसा निर्णय लिया जा सकेगा। निरस्त परियोजनाओं को पुन: प्रारंभ करने के लिए प्रशासकीय विभाग प्रक्रिया का पालन कर नई प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर सकेगा। पूर्व से प्रारंभ परियोजा की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की आवश्यकता हो तो इसमें प्रक्रिया का पालन कर पुनरीक्षित प्रशासकीय मंजूरी जारी करने का अनुमोदन किया जाता है तो प्रशासकीय विभाग पुनरीक्षित प्रशासकीय मंजूरी का आदेश दे सकेगा भले ही उस समय विभागीय सूचकांक निर्धारित सीमा से अधिक हो।
