आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए पचमढ़ी में शिवराज कैबिनेट नें किया मंथन

भोपाल/पचमढ़ी। सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला में पचमढ़ी के प्राकृतिक सौंदर्य के  बीच बैठकर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में पूरी कैबिनेट ने एक साथ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए मंथन किया। इस मंथन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस चिंतन-मंथन से जो अमृत निकलेगा उसे हम जनता के बीच बाटेंगे, जनता के कल्याण के लिए प्रदेश के विकास के लिए इसका उपयोग करेंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि एसी, टेंट डोम से अलग हटकर प्रकृति के बीच बिना किसी आडंबर के पूरी कैबिनेट दो दिनों तक गंभीर चिंतन करेगी। कल शाम तक हमारा चिंतन चलेगा और लगातार हमको सोचना भी है, फैसले भी करने है, गहराई से चिंतन होगा और निश्चित तौर पर इस चिंतन मंथन से जो अमृत निकलेगा उसे हम जनता के बीच बांटेंगे। उन्होंने मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिन सारी चिंताएं छोड़कर विधानसभा क्षेत्र में क्या हो रहा है। क्षेत्र में क्या हो रहा है, दुनिया में क्या हो रहा है। वह सब ठीक-ठाक हो जाएगा उसकी चिंता न करे। हम शरीर मन बुद्धि और आत्मा यहीं केन्द्रित करे। मै प्रारंभ में एक बात कहना चाहता हूं  और वह आप गहराई से आत्मसात कर लें। पचमढ़ी में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए बनाए गए चौदह समूहों की गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी शुरु हुआ।

अप्रैल माह से फिर शुरू होगी तीर्थ दर्शन योजना: कोरोना का में बंद पड़ी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को राज्य सरकार फिर जोर-शोर से शुरु करेगी।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि सरकार कुछ तीर्थ स्थलों को वायु मार्ग से भेजने पर विचार करेगी। आज सुझाव आया है, इसे सभी संभावनाओं पर विचार कर जल्द अंतिम रुप दिया जाएगा। इसके लिए संबंधितों को निर्देशित कर दिया गया है। पहले प्रेजेंटेशन में मंत्री उषा ठाकुर, गोविंद राजपूत और मोहन यादव के समूह की प्रस्तुति हुई। पहले प्रेजेंटेशन में  मंत्री नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग, विजय शाह,  यशोधरा राजे सिंधिया, मोहन यादव, राजवर्धन सिंह, तुलसी सिलावट और कमल पटेल ने प्रमुख सुझाव दिए। पर्यटन और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने बताया कि अप्रैल माह में तीर्थ दर्शन योजना फिर शुरु होगी।  दो-तीन ट्रेन भेजी जाएंगी।  गंगा स्नान,  काशी कारीडोर, संत रविदास और कबीरदास के स्थलों के दर्शन के साथ योजना शुरु की जाएगी। बोगी में स्पीकर सिस्टम के माध्यम से तीर्थ स्थलों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।  उन्होंने बताया कि तीर्थ दर्शन यात्रा की शुरुआत मध्यप्रदेश से हुई थी। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से यह एक है। इस योजना का अन्य राज्यों ने भी अनुशरण किया।

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