बीट समाधान योजना: ग्वालियर कमिश्नर आशीष सक्सेना का नवाचार
ग्वालियर
ग्वालियर संभागायुक्त आशीष सक्सेना ने अपने संभाग के आठ जिलों के गांवो को विवादरहित बनाने की पहल शुरु की है। बीट समाधान योजना से 121 गांवों को विवादरहित बनाया गया है और इन गांवों में आगे भी विवाद न हो इसके लिए इन गांवों के लोगों से संकल्प भरवाया जा रहा है कि आपसी समझौते से विवादों को सुलझाएंगे। लोगों को सरकारी योजनाओं का मुफ्त लाभ मिले इसके लिए सभी पंचायतों मेें कामन सर्विस सेंटर , कियोस्क के संचालकों को बिठाया जा रहा है और इनकी कमिश्नर और कलेक्टर दोनों रोजाना मानीटरिंग कर रहे है।
ग्वालियर-चंबल संभाग के ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में गांवों को विवादरहित बनाने की शुरुआत की गई है। अब विवादरहित हो चुके 2226 से अधिक प्रकरणों में समझौते से विवादों का निपटारा हो सका है। भिं ड के 22, दतिया के 24, ग्वालियर के 9, शिवपुरी के 19, गुना के 19, अशोकनगर का 1, मुरैना के 9 और श्योपुर के 18 इस तरह कुल 121 गांवों में अब तहसील कोर्ट, सिविल कोर्ट तथा पुलिस में कोई विवाद बाकी नहीं है। सभी विवाद निपटा दिए गए है।
पटवारी, कांस्टेबल और पंचायत सचिव की संयुक्त टीम
गांवों को विवादरहित बनाने के लिए सभी गांवों में पटवारी, कांस्टेबल और पंचायत सचिव की संयुक्त टीम बनाई गई है। इन्हें आरसीएमएस के सारे प्रकरण, रेवेन्यू कोर्ट और पुलिस के छोटे प्रकरण, सिविल कोर्ट के प्रकरणों की लिस्ट दी गई है। ये संबंधित पक्षों से मुलाकात कर उन्हें कोर्ट के बाहर समझौता कराने के लिए प्रेरित करते है। सभी पटवारी, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदारों को शनिवार, रविवार, सोमवार और मंगलवार अपने क्षेत्र में मौजूद रहने को कहा गया है। विवाद वाले मामलों में दोनो पक्षों को बुलाकर समझौता कराया जा रहा है।
इनका कहना
बीट समाधान योजना से ग्वालियर-चंबल संभाग के आठ जिलों को विवादरहित बनाने की शुरुआत की गई है। यहां लोगां से संकल्प पत्र भी भरवाए जाएंगे कि आगे भी वे समझौता करके विवादों को सुलझा लेंगे न्यायालय, पुलिस और राजस्व न्यायालयों में नहीं जाएंगे। लोगों को सरकारी सुविधाएं नि:शुल्क मिले इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर के संचालकों को भी पंचायतों में बिठाया गया है।
आशीष सक्सेना, संभागायुक्त ग्वालियर
