‘यूक्रेन में परमाणु युद्ध की आशंका’, यूनाइटेड नेशंस के प्रमुख ने कहा, अब बन चुकी है खतरनाक स्थिति
नई दिल्ली
कभी एकतरफा माने जाने वाला यूक्रेन युद्ध अब 20वें दिन में पहुंच चुका है और पहली बार यूनाइटेड नेशंस के प्रमुख ने कहा है कि, यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना काफी बढ़ गई है और रूस ने अपने परमाणु फोर्स को अलर्ट कर दिया है।
यूएन चीफ की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को यूक्रेन युद्ध को लेकर गहरी चिंता जताई है और उन्होंने कहा है कि, यूक्रेन पर हमला करने के बाद रूस द्वारा अपने न्यूक्लियर फोर्स को अलर्ट पर रखा गया है और ये 'हड्डी जमाने वाली' बात है। यूनाइटेड नेशंस के मुखिया गुटेरेस ने रिपोर्टर्स से बात करते हुए परमाणु युद्ध की संभावना जताई है और कहा है कि, 'परमाणु युद्ध के बारे में सोचना एक वक्त अकल्पनीय थी, लेकिन अब परमाणु युद्ध संभावनां के दायरे में है।' इसके साथ ही यूएन चीफ ने दुश्मनी को फौरन खत्म करने का आह्वान किया है।
24 फरवरी को शुरू हुआ युद्ध
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले महीने 24 फरवरी को यूक्रेन पर सैन्य अभियान चलाने की घोषणा की थी और पुतिन के घोषणा के 10 मिनट बाद से ही रूस ने यूक्रेन पर हमले करने शुरू कर दिए थे और आज हमले के 20 दिन पूरे हो चुके हैं और इन 20 दिनों में यूक्रेन से 28 लाख लोग पलायन कर चुके हैं और अभी भी लाखों लोग युद्धग्रस्त क्षेत्रों में अलग अलग जगहों पर फंसे हुए हैं।
पुतिन ने किया परमाणु बलों को एक्टिव
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले महीने के अंत में कहा था, कि उनके देश के परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने अब तक वाशिंगटन के परमाणु अलर्ट स्तरों को बदलने का कोई कारण नहीं देखा है। यूएन चीफ गुटेरेस ने यूक्रेन में ज़ापोरिज़्झिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आग लगने के बाद परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा और संरक्षण का भी आह्वान किया है, जो यूरोप में अपनी तरह का सबसे बड़ा संयंत्र है, जो रूसी बलों द्वारा संयंत्र के अधिग्रहण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। गुटेरेस ने कहा कि, "यूक्रेन के लोगों पर व्याप्त आतंक को रोकने के लिए और कूटनीति और शांति के रास्ते पर चलने का समय आ गया है।"
अमेरिका ने कहा- हताश हो गये हैं पुतिन
वहीं, सीएनएन से बात करते हुए अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जैक सुलिवन ने कहा है कि, "व्लादिमीर पुतिन इस तथ्य से निराश हैं कि उनकी सेनाएं उस तरह की प्रगति नहीं कर रही हैं, जो उन्होंने सोचा था कि वे (राजधानी) कीव सहित प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लेंगे। लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया और रूसी सैनिकों के लिए लक्ष्यों की संख्या में विस्तार हो रहा है और इससे वो बौखला रहे हैं और अब देश के हर हिस्से में नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि, वो 'हताश' हो गये हैं।' अमेरिका ने आशंका जताई है कि, युद्ध परिणामों से हताश पुतिन अब यूक्रेन में खौफनाक हमलों को अंजाम दे सकते हैं।
नाटो को युद्ध में खींचने की कोशिश
वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने फिर से नाटो से की अपील पोलैंड सीमा पर रूसी हमले के बाद यूक्रेन में नो फ्लाई जोन घोषित कर देना चाहिए। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक बार फिर से नाटो देशों को चेतावनी दी है और कहा है कि, रूसी हमला पोलैंड की सीमा तक पहुंच चुका है और अब अगला निशाना नाटो देश होंगे। जेलेंस्की ने नाटो से अपील करते हुए फिर से 'यूक्रेन में नो फ्लाई जोन' घोषित करने की मांग की है। 44 साल के यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि, "यदि आप हमारे आकाश को बंद नहीं करते हैं, तो यह केवल कुछ समय पहले की बात है जब रूसी रॉकेट आपके क्षेत्र में, नाटो क्षेत्र पर गिरेंगे।"
