भवनविहीन गरीबों को राशन बांटने वाली 9674 दुकानें

भोपाल
प्रदेश में गरीबों को रियायती दरों पर राशन देने वाली 25 हजार 665 दुकानों में से 9674 दुकाने भवनविहीन हंै। वहीं 1294 दुकानें ऐसी है जिन के भवन अनुपयुक्त है।

प्रदेश में 116 लाख परिवारों के 4 करोड़ 90 लाख लोगों को राज्य सरकार राशन की दुकानों के जरिए एक रुपए किलो की दर से गेहूं चावल वितरित कर रही है। इसके अलावा एक किलो शक्कर और एक किलो नमक भी रियायती दरों पर वितरित किया जा रहा है। प्रदेश में पंद्रह लाख परिवार अंत्योदय श्रेणी के है जो अतिगरीब माने जाते है। इन परिवारों को राज्य सरकार हर माह हर परिवार को पैंतीस किलो गेहूं-चावल एक रुपए किलो की दर से देती है। वहीं लगभग एक करोड़ बीपीएल श्रेणी के परिवारों को हर व्यक्ति के हिसाब से पांच किलो गेहूं चावल हर माह दिया जाता है। रियायती दरों पर गेहूं-चावल, शक्कर और नमक वितरित करने के लिए प्रदेश में 25 हजार 665 दुकाने संचालित की जा रही है।

इन दुकानों की हालत काफी खराब है। प्रदेश में 9674 दुकाने ऐसी है जिनके पास खुद के भवन ही नहीं है। ये किराए के भवनों में संचालित की जा रही है। इसके साथ ही 1294 दुकानें ऐसी है जिनके पास जो भवन है वे वहां के परिवारों और सदस्यों की संख्या के हिसाब से सामग्री रखने के लिए उपयुक्त नहीं है। केवल 14 हजार 697 दुकानों के पास भवन उपयुक्त है। उचित मूल्य की दुकानों के भवनों के निर्माण करने और मरम्मत के लिए राज्य सरकार की कोई योजना नहीं है जिसके चलते इन भवनों का निर्माण और मरम्मत नहीं हो पा रही है।

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