वित्तीय वर्ष 22-23 बजट: चुनौतियों को अवसर में बदलने की दिशा में प्रयास-देवड़ा

भोपाल
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने बजट में सुशासन और विकास को महत्व देते हुए कहा है कि विकास मंजिल नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली यात्रा है। सुशासन वह माध्यम है जिससे विकास को सही गति व दिशा प्राप्त होती है। सभी वर्गों का ध्यान रखने के साथ सरकार ने प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया है। आगामी वर्ष में वेतन से संबंधित भत्तों के पुनरीक्षण पर विचार किया जाएगा। महिला आर्थिक वित्त विकास निगम को सुदृढ़ किया जाएगा। इस बजट में महिलाओं के लिए रोजगारमूलक आर्थिक सहायता की एक नवीन योजना प्रस्तावित है।

मनरेगा का बजट 75 फीसदी बढ़ाया
मनरेगा का बजट अनुमान वर्ष 2021-22 की तुलना में लगभग 75 प्रतिशत बढ़ाकर  3500 करोड़ प्रस्तावित है। मनरेगा में अंतर्गत इस वर्ष 26 करोड़ 64 लाख मानव दिवस सृजित किये गये हैं। मनरेगा से प्रति परिवार औसत रोजगार लगभग 55 दिवस रहा है। वहीं वन समितियों को काष्ठ से होने वाली आय का 20 प्रतिशत उपलब्ध कराये जाने का भी निर्णय लिया गया है।

हवाई सेवाओं को बढ़ावा
 प्रदेश में एवियेशन टर्बाइन फ्यूल पर वैट की दर को अधिकतम 25 प्रतिशत के स्तर से घटाकर 4 प्रतिशत किया गया है, जिससे वायु सेवा के विस्तार में मदद मिलेगी। प्रदेश के इन्दौर विमानतल को कस्टम नोटिफाईड एयरपोर्ट घोषित किया गया है।  प्रदेश के विभिन्न शहरों से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, बैंगलौर, कोलकाता, जम्मू तथा हैदराबाद मार्गों पर हवाई सेवायें संचालित हो रही हैं। अन्य स्थानों को भी वायु सेवा से जोड़ने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र सिंगरौली में नवीन हवाई पट्टी के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। पायलट प्रशिक्षण एवं उड्डयन गतिविधियों हेतु निजी संस्थाओं को 11 हवाई पट्टियां निर्धारित वार्षिक शुल्क पर आंवटित की गई है।

ग्रामीण स्व सहायता समूहों के लिए योजना
ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों के लिये योजनाओं को वृहद् स्वरुप में क्रियान्वित करने के लिए 1100 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया  है। जो कि वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान से लगभग 141 प्रतिशत अधिक है। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में केश शिल्पी, बढ़ई, लोहार, चर्मकार, माटी कलाकार आदि का कौशल उन्नयन होने पर उनकी आजीविका की सुरक्षा एवं आय में वृद्धि के लिए से बजट में मुख्यमंत्री कारीगर कौशल उन्नयन योजना प्रस्तावित है।

लघु उद्योगों और कौशल उन्नयन योजना से रोजगार
सरकार ने इस वर्ष के बजट में रोजगार बढ़ाने के लिए कई तरह के योजनाएं शुरू की है। इन सब के जरिए जहां प्रदेश में रोजगार बढ़ेगा वहीं लोगों की आय में भी इजाफा होगा। सिंगरौली में माईनिंग इंजीनियरिंग कॉलेज बनाया जाएगा। वहीं ग्रामीण स्व सहायता समूहों के लिए 1100 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 13 हजार शिक्षकों की नियुक्तियों की कार्यवाही की जाना लक्षित है। निजी संस्थाओं में रोजगार एवं स्वरोजगार के बड़ी संख्या में अतिरिक्त अवसर निर्मित हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान राशि 21 हजार 865 करोड़ की 381 परियोजनाओं के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनके क्रियान्वयन से लगभग 60 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होंगे।

17 क्लस्टर होंगे विकसित
प्रदेश में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने क लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम विभाग के अंतर्गत 17 क्लस्टर विकसित किये जा रहे हैं, जिससे रोजगार के लगभग 41 हजार नये अवसर सृजित किये जाएंगे।   प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए एथेनॉल एवं जैव ईंधन इकाईयों को प्रोत्साहन एवं वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने हेतु एथेनॉल एवं जैव ईधन प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। सिंगरौली में माईनिंग विधा का इंजीनियरिंग कॉलेज प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है।

रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये
इस वर्ष विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं में 28 लाख 63 हजार 779 व्यक्तियों को 14 हजार 556 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं। रोजगार के अवसर में वृद्धि के लिए हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की है।

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