सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में स्टेंट लगाने के बाद 3 मरीजों की मौत, जांच कमेटी 48 घंटे में रिपोर्ट देगी

नई दिल्ली
दिल्ली सरकार के सबसे अच्छे अस्पतालों में शुमार राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सोमवार को स्टंट डालने के बाद तीन मरीजों की मौत हो गई. इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया. उधर, मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया. उधर, बीजेपी ने इस मामले में बेहतर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का दावा करने वाली दिल्ली सरकार पर निशाना साधा. 

इस मामले पर अस्पताल की प्रवक्ता डॉक्टर छवि गुप्ता ने बताया कि सोमवार के दिन ये मामला सामने आया. दिल्ली की रहने वाली 64 साल की पूजा , 45 साल के विनोद, 46 कलवा खान की मौत हुई है. अस्पताल प्रशासन ने तीनों मौत के मामले में जांच को लेकर 5 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है. यह कमेटी 48 घंटे में रिपोर्ट देगी. रिपोर्ट में जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी. 

मरीजों को थी हार्ट की बीमारी

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इस पूरे मामले में प्रारंभिक जानकारी इकट्ठा की जा रही है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि जिन मरीजों की मौत अस्पताल में हुई वे हार्ट की बीमारी से जूझ रहे थे. तीनों के हार्ट की नसों में ब्लॉकेज था. इन मरीजों की पिछले दिनों एंजियोग्राफी की गई थी. 

मृतक के परिजनों के मुताबिक, सोमवार को करीब 3 बजे के आसपास उनके परिजन की एंजियोप्लास्टी शुरू हुई थी. 3 से 4 घंटे बाद उनके मरीज की अचानक से तबीयत खराब हो गई. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मौत हो गई. एक के बाद एक मौत होने की वजह से अस्पताल में हड़कंप मच गया. 

बीजेपी ने मुआवजे की मांग 

बीजेपी ने इस मामले में केजरीवाल सरकार पर जमकर निशाना साधा. दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने सरकार को पत्र लिखकर जांच की मांग की है. उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार मृतकों को मुआवजा दे. 

हार्ट की बीमारियों से युवा हो रहे ज्यादा शिकार

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी डॉक्टर अनिल गोयल के मुताबिक, हार्ट डिजीज का सबसे बड़ा कारण स्ट्रेस है. अपने लाइफ स्टाइल और कामकाज में हम इतना बिजी हैं कि अपने शरीर का ध्यान नहीं रख रहे. ना टाइम पर खाना खा रहे हैं ना टाइम पर सो रहे हैं. इतना ही नहीं युवा जिम जाकर के अपने आप को फिट रखने के लिए स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. जो सबसे ज्यादा खतरनाक है. इसलिए युवा इसका ज्यादा शिकार हो रहे हैं. 

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