किसान पशु क्रेडिट कार्ड बनाने में MP बना नम्बर 1, वेटरनरी विभाग की कैम्प मुहिम रंग लाई

जबलपुर
पशुपालकों को कृषि यानि किसानों की तर्ज पर किसान के्रडिट कार्ड (केसीसी) बनाए जाने के मामले में मध्यप्रदेश देश में नंबर-1 पर है। 15 नवम्बर 2021 से 15 फरवरी 2022 के बीच  प्रदेश में वेटरनरी विभाग द्वारा चलाई गई केसीसी बनाने की मुहिम उस वक्त रंग लाई जब बैकों के सामने आए एक लाख 65 हजार से ज्यादा आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद 54 हजार से ज्यादा एप्लीकेशन को केसीसी कार्ड बनाने के लिए अंतिम रूप से स्वीकृति दे दी गई।

बताते हैं कि पशुपालकों को विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक रूप से मदद पहुंचाने के लिए बनाई केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में मध्य प्रदेश ने देश के दूसरे राज्यों को पछाड़ते हुए नंबर-1 पर अपना स्थाना बना लिया है।

तीन माह में बैंक को वापस करना होती है राशि
किसान क्रेडिट कार्ड के तहत गौ-पालक गाय के लिए  5 हजार रुपए की राशि प्रति माह अपने पशुपालन के लिए ले सकता है। वहीं भैंस पालक को इसके लिए 6 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की जाती है। नियम अनुसार इस राशि को पशुपालक को तीन माह के बाद वापस देना होता है।

इनका कहना
प्रदेश में सरकार की इस योजना के तहत विभाग द्वारा बैंकों के साथ मिलकर कैंप लगाए गए थे। इनमें अंतिम रूप से 54 हजार 254 आवेदनों को केसीसी के लिए स्वीकृत कर दिया गया है। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया है कि इस योजना के तहत लाभांवित होने वाले पशुपालकों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
डॉ. आरके मेहिया, डायरेक्टर पशुपालन विभाग मप्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *