पॉलिसी ट्रांसफर पर बीमा कंपनी ही लेगी क्लेम, बीमारी समेत अन्य सभी जानकारी
नई दिल्ली।
बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) बीमाधारकों के हित में समय-समय पर कदम उठाता रहता है। अब इरडा ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की पोर्टेबिलिटी (एक कंपनी से दूसरी कंपनी के पास बीमा ट्रांसफर) को लेकर नए नियमों का एक्सपोजर ड्राफ्ट जारी किया है। ड्राफ्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ट्रांसफर के समय नई कंपनी को मौजूदा कंपनी से पॉलिसीधारक की सारी जानकारी लेनी होगी। इसमें पॉलिसीधारक की ओर से किए गए क्लेम दावे, बीमारी समेत अन्य सभी जानकारी शामिल है।
पोर्टेबिलिटी फॉर्म मिलने के पांच दिन के भीतर नई बीमा कंपनी को यह जानकारी जुटानी होगी। इस नियम के लागू होने के बाद नई बीमा कंपनी किसी जानकारी का खुलासा नहीं करने के आधार पर पॉलिसीधारक का क्लेम खारिज नहीं कर पाएगी। पॉलिसीधारकों की जिम्मेदारी कम करने के मकसद से इरडा यह बदलाव कर रही है।
डिजिट इंश्योरेंस के निखिल कामदार का कहना है कि प्रस्तावित गाइडलाइंस के तहत पॉलिसीधारक की मौजूदा बीमा कंपनी से जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी नई बीमा कंपनी की होगी। अभी तक यह जानकारी देने की जिम्मेदारी पॉलिसीधारक के पास थी। ऐसे में पॉलिसी पोर्ट कराते समय जानकारी छिपाने के आधार पर नई बीमा कंपनी क्लेम खारिज कर देती थी।
