यूक्रेन ने बंद किया अपना हवाई क्षेत्र, भारतीयों को निकालने जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट वापस लौटी
नई दिल्ली,
रूस और यूक्रेन में युद्ध के हालात बने हुए हैं। भारत ने भी ऐहतियात के तौर पर यूक्रेन में रह रहे अपने नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके लिए एयर इंडिया की उड़ान AI 1947 को यूक्रेन की राजधानी कीव के लिए भेजा गया, लेकिन वहां की सरकार ने संभावित खतरों का हवाला देते हुए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया। जिस वजह से एयर इंडिया इवैक्यूएशन फ्लाइट को हवा में ही रद्द करना पड़ा। साथ ही उसे दिल्ली वापस बुला लिया गया।
Ukraine एयर इंडिया ने भारतीयों को निकालने के लिए इस हफ्ते तीन विशेष उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए AI 1947 ड्रीमलाइनर ने दिल्ली से कीव बॉरिस्पिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए उड़ा भरी, लेकिन जब विमान हवा में था उसी वक्त पता चला कि यूक्रेन ने अपनी हवाई सीमा बंद कर दी है। अपने बयान में यूक्रेन ने कहा कि संभावित खतरों को देखते हुए ये कदम उठाया गया है। ऐसे में अनपेक्षित गोलीबारी या साइबर हमले के जोखिम की वजह से उड़ान कंपनियां अपनी फ्लाइट्स को रोक दें।
एक अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेन के अधिकारियों से एयरमैन को नोटिस गुरुवार को 0156 GMT पर जारी किया गया था, जो 2359 GMT पर खत्म होने वाला है। हालांकि इसमें ये स्पष्ट नहीं किया गया कि नागरिक उड़ानों पर पूर्ण प्रतिबंध था या नहीं, लेकिन यूरोकंट्रोल ने एयरइंडिया से कहा कि सैन्य प्रतिबंधों की वजह से यूक्रेन का हवाई क्षेत्र उपलब्ध नहीं है। यूरोकंट्रोल ही यूरोप के हवाई यातायात को नियंत्रित करता है। एयर बबल समझौते में हुआ था बदलाव भारत और यूक्रेन के बीच एयर बबल समझौते के तहत सीमित उड़ानें ही संचालित हो रही थीं, लेकिन हालात को देखते हुए पिछले हफ्ते इसमें बदलाव किया गया था। जिसके तहत उड़ान और सीटों की संख्या से प्रतिबंध हटा लिया गया। उम्मीद थी कि इससे भारतीयों को यूक्रेन से निकालने में मदद मिलेगी, लेकिन अब हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध से नई मुश्किल खड़ी हो गई है।
