चारा घोटाला केस: लालू यादव को 5 साल कैद की सजा और लगाया गया 60 लाख रुपये का जुर्माना

रांची
चारा घोटाले के तहत डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के केस में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सीबीआई कोर्ट ने 5 साल कैद की सजा सुनाई है। आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव को रांची की सीबीआई ने पांचवे चारा घोटाला मामले में 5 साल कैद की सजा और 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सीबीआई कोर्ट ने डोरंडा कोषागार गबन मामले में लालू प्रसाद यादव को 15 फरवरी 2022 को ही दोषी करार दे चुकी है, लेकिन इस केस में फैसला आज सोमवार 21 फरवरी को आया है।
 

इससे पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को उनकी सजा के तुरंत बाद रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें सरकारी राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में भर्ती कराया गया। 15 फरवरी को अदालत में मौजूद लालू प्रसाद यादव को हिरासत में ले लिया गया था।
 

सीबीआई के वकील ने पहले कहा था कि अदालत 18 फरवरी को सजा पर दलीलें सुनेगी। डोरंडा कोषागार से 3 .13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में लालू यादव को सात साल की सजा सुनाई गई है। वहीं कुल 99 आरोपी 15 फरवरी को कोर्ट में पेश हुए थे, जिनमें से 24 लोगों को रिहा कर दिया गया था। बाकी बचे 46 को 3 साल की सजा सुनाई गई है।

दिसंबर 2017 से जेल में, लालू प्रसाद यादव ने रिम्स में अपनी सजा की अधिकांश अवधि काटी है। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद पिछले साल जनवरी में उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली ले जाया गया था।

लालू प्रसाद यादव इससे पहले चारा घोटाला के चार अन्य मामलों में 14 साल जेल की सजा काट चुके हैं। अंतिम मामला अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की निकासी से संबंधित था।

लालू प्रसाद यादव की याचिका पर जेल अधीक्षक और रिम्स निदेशक को उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लालू प्रसाद यादव गुर्दे की समस्याओं सहित कई बीमारियों से पीड़ित है।

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