ममता बनर्जी ने 110 से ज्यादा बागियों को पार्टी से निष्कासित
कोलकत्ता
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो और ममता बनर्जी की चेतावनी के बावजूद बंगाल में निकाय चुनाव में 100 से ज्यादा बागी निर्दलीय उम्मीदवार मैदान नहीं छोड़ रहे हैं। बागियों के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरे एक्शन मूड में हैं। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 27 फरवरी को हुए निकाय चुनाव में निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ रहे अपने 61 अन्य नेताओं को रविवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया। वहां नेता उत्तर 24 परगना जिले के हैं। इससे पहले 50 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था। बीते एक सप्ताह में 110 से ज्यादा बागियों को बर्खास्त किया जा चुका है।
61 अन्य बागियों को पार्टी से निकाला
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की चेतावनी के बाद लगभग छह टीएमसी विद्रोहियों ने पहले निर्दलीय के रूप में दाखिल अपने नामांकन वापस ले लिए थे। उत्तर 24 परगना टीएमसी अध्यक्ष ज्योतिप्रियो ने कहा है कि हमारे नेतृत्व ने इन नेताओं को एक स्पष्ट संदेश भेजा है, जो निर्दलीय के रूप में नामांकन वापस लेने के लिए है। कुछ ने ऐसा किया था लेकिन अधिकांश ने नहीं किया। हमने आज इन कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकालने का फैसला किया है।
बीते दिनों 50 बागी नेताओं पर गिरी थी गाज
आपको पता दे कि बीते दिनों बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बागियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। उन्होंने पहले चेतावनी जारी की थी, इसके बाद निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़ने वाले 50 बागी नेताओं को निष्कासित कर दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, नादिया और नॉर्थ 24 परगना के नेताओं की संख्या अधिक है जिनके खिलाफ एक्शन लिया गया है।
अब तक सवा सौ नेता-कार्यकर्ता बर्खास्त किए
TMC के सूत्रों के मुताबिक, अधिकतर बागी उम्मीदवार बांकुरा जिले से निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे थे जिनमें से कई नेताओं ने चेतावनी के बाद भी नामांकन वापस नहीं लिया था। परिणामस्वरूप इन सभी को पार्टी से निकाल दिया गया है। अब तक 110 नेता-कार्यकर्ता को निष्कासित कर दिया गया है। बागी टीएमसी उम्मीदवार इंग्लिशबाजार, ओल्ड मालदा, बालुरघाट, कूचबिहार, बर्धमान, बारासात, सोनारपुर-राजपुर, बनगांव, खड़दह और कुछ अन्य नगर पालिकाओं में चुनाव लड़ रहे हैं।
