जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को पटरी पर लाने की कवायद शुरू
जबलपुर
मेडिकल एजूकेशन में हमेशा एग्जाम, रिजल्ट और वेलुएशन को लेकर विवादों में रही मध्य प्रदेश की एक मात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विवि (एमयू) ने पिछले कुछ सालों का रिकार्ड तोड़ते हुए प्रदेश के 28 हजार से अधिक छात्रों को उनकी मार्कशीट पहुंचाई है। विवि में 8 माह पहले हुए व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के बाद नए अफसरों के कामकाज से विवि की व्यवस्थाएं पटरी पर आने लगी हैं, लेकिन जिन छात्रों की मार्कशीट व परमानेंट डिग्री उनके हाथ में नहीं आई है वे अभी भी विवि के चक्कर काटने मजबूर हैं।
विवि खुद देगा मार्कशीट व डिग्री, छात्रों को नहीं देना होगा शुल्क
काम में रफ्तार लाने के लिए विवि के कार्यवाहक कुलपति एवं संभाग कमिश्नर बी चंद्रशेखर ने छात्र हित में नई व्यवस्था को शुरू करते हुए जिस वर्ष छात्र उत्तीर्ण होगा उसे उसी वर्ष अंकसूची (मार्कशीट) प्रदान किए जाने के साथ अंकसूची, डिग्री आदि एमयू स्वयं प्रदान करेगा। बताते हैं कि पहले विवि कॉलेज को मार्कशीट, डिग्री भेज देता था। साथ ही छात्रों को बड़ी राहत देते हुए विवि ने मार्कशीट, डिग्री के लिए आवेदन व्यवस्था खत्म कर दी है। इसके लिए विवि द्वारा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। यानि छात्रों को यह सब नि:शुल्क प्राप्त होगा।
क्या कहते हैं रजिस्ट्रार
विवि के रजिस्ट्रार डॉ. प्रभात बुधौलिया का कहना है कि उन्होंने जुलाई 2021 में विवि में अपना कार्यभार संभाला जब से लेकर अब तक करीब 28 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को मार्कशीट दी जा चुकी है। यह काम लगातार चल रहा है, लेकिन कई बार तकनीकी खामियां व अवकाश के बीच जो अधिकारी, कर्मचारी इस काम में लगे वे कोविड संक्रमित हो गए थे। ऐसे में काम प्रभावित होना स्वाभाविक है, फिर भी एमयू के प्रशासनिक कामकाज में तेजी आ रही है।
