मेट्रो डिपो की कम्पाउंड वॉल निर्माण में बाधित 45 मकान
इंदौर
गांधी नगर में मेट्रो रेल का डिपो बनना है। इसकी कम्पाउंड वॉल निर्माण में तकरीबन 45 मकानों के निर्माण बाधित हैं। इनके मालिकों को नगर निगम ने नोटिस थमाए हैं। जमीन संबंधी दस्तावेज निगम के समक्ष प्रस्तुत करने को लेकर ये नोटिस जारी हुए हैं। 45 में से 20 लोगों ने दस्तावेज निगम को दे दिए हैं। अब इनकी जांच करने के बाद तोडफ़ोड़ की कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर दो चरण में काम हो रहा है। पहले चरण में एयरपोर्ट से गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर, एमआर-10 यानी चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा, बापट चौराहा, मेघदूत उपवन, विजय नगर चौराहा, रेडिसन चौराहा, बंगाली चौराहा होते हुए नायता मुंडला स्थित आईएसबीटी तक काम होगा। इस रूट पर सुपर कॉरिडोर और एमआर-10 से मेघदूत गार्डन तक मेट्रो रेल को लेकर काम चल रहा है। दूसरे चरण में एयरपोर्ट से बीएसएफ, बड़ा गणपति चौराहा, एमजी रोड, कोठारी मार्केट, रीगल तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन तक काम होना है। 31.5 किलो मीटर तक निर्माण पर 7500.80 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत गांधी नगर में वन विभाग से मिली शासकीय भूमि पर मेट्रो डिपो का निर्माण किया जाना है। इसके चलते मेट्रो डिपो स्थल का निरीक्षण पिछले दिनों निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने किया था। उनके साथ मेट्रो प्रोजेक्ट अतिरिक्त महाप्रबंधक अनिल जोशी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रशांत बाबू, क्षेत्रीय बिल्डिंग अफसर गजल खन्ना और इंस्पेक्टर वैभव देवलासे भी थे।
निगमायुक्त ने मेट्रो डिपो की कम्पाउंड वॉल निर्माण में बाधित 45 मकान मालिकों को नोटिस देकर मकान निर्माण और जमीन संबंधी दस्तावेज मालिकों से मांगने के आदेश दिए थे। इसके परिपालन में क्षेत्रीय जोन-16 की बिल्डिंग अफसर खन्ना ने नोटिस जारी कर जमीन और निर्माण संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। अभी तक 20 लोगों ने दस्तावेज निगम को दिए हैं। बाकी को जल्द से जल्द दस्तावेज देने का तगादा किया जा रहा है, ताकि दस्तावेज की जांच कर बाधक निर्माण को हटाया जा सके।
