प्रदेश में वर्षभर में 11 लाख से अधिक वाहन चालकों ने तोड़े ट्रैफिक नियम
भोपाल
ट्रैफिक नियमों का पालन कर सुरक्षित यात्रा के लिए तमाम जागरुकता अभियान के बावजूद मप्र में खुद की और दूसरों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले वाहन चालकों की संख्या कम नहीं हो रही है। प्रदेश में एक साल में यानी जनवरी से दिसंबर 2021 के बीच ट्रैफिक नियम तोडऩे वाले 11 लाख 19 हजार 328 वाहन चालकों से 40 करोड़ 17 लाख 97 हजार 76 रुपए बतौर जुर्माना वसूले गए। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के मामले में इंदौर सबसे आगे तो भोपाल दूसरे नंबर पर है। बता दें, वर्ष 2020 में पुलिस ने 37 करोड़ 49 लाख 20 हजार 170 रुपए वसूले थे। पुलिस द्वारा की गई चालानी कार्रवाई से मिलने वाली जुर्माने की राशि का उपयोग ट्रैफिक उपकरणों की खरीदी समेत जागरुकता कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। कुल राशि में से एक हिस्सा परिवहन विभाग को भी दिया जाता है।
कोरोना संक्रमण से आई चालानी कार्रवाई में कमी
कोरोन संक्रमण का असर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर की जाने वाली चालानी कार्रवाई में भी आई है। वर्ष 2019 में प्रदेशभर से 43 करोड़ 12 लाख 75 हजार 160 रुपए की वसूली हुई थी, जो वर्ष 2020 में घटकर 37 करोड़ 49 लाख 20 हजार 170 रह गई। वर्ष 2021 में इसमें इजाफा हुआ और जुर्माने के रूप में 40 करोड़ 17 लाख 97 हजार 076 रुपए वसूले गए। जानकारी के मुताबिक शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कोरोना संक्रमण के दौरान कम कार्रवाई हुई। इसकी वजह ब्रीथ एनालाइजर का उपयोग नहीं करना भी रहा।
नियम तोडऩे में चार महानगरों में इंदौर-भोपाल आगे
एक साल में प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में नियम तोडऩे वाले वाहन चालकों की संख्या सबसे अधिक रही। इंदौर में 91925 वाहन चालकों पर कार्रवाई कर 3.98 करोड़ रुपए जुर्माने के रूप में वसूले गए। भोपाल में 94811 लोगों ने ट्रैफिक नियम तोड़े और इनसे 2.52 करोड़ रुपए तो जबलपुर में 66634 वाहन चालकों से 2.54 करोड़ रुपए वसूले गए। ग्वालियर में 47701 वाहन चालकों ने नियम तोड़े और 1.70 करोड़ रुपए का जुर्माना दिया।
