‘सजा दर’ के परफार्मेस में ‘नपे’ 2 जिला लोक अभियोजक

जबलपुर। प्रदेश में न्यायालय से निराकृत, चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज आपराधिक प्रकरणों की समीक्षा में  महानिदेशक/ संचालक लोक अभियोजन अन्वेष मंगलम ने सजा दर संतोषजनक न होने पर जिलों के लोक अभियोजकों की क्लास ली और सजा दर कम होने पर दो जिलों के लोकअभियोजकों को सस्पेंड कर दिया। वर्चुअल बैठक में अन्वेष मंगललम ने 7 सौ प्रकरणों की समीक्षा के दौरान खराब परफार्मेंस पर फटकार भी लगाई और जिन जिलों में लोक अभियोजक ने अदालत में अच्छा प्रदर्शन किया उन्हें ‘प्रशंसा-पत्र’ से सम्मानित किया।

इन जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक सजा दर
महानिदेशक लोक अभियोजन ने बताया कि समीक्षा के दौरान चिन्हित प्रकरणों में 80 प्रतिशत से अधिक सजा दर दर्ज करने वाले जिलों में रायसेन, शहडोल, मंडला, छतरपुर, रतलाम, नरसिंहपुर,भोपाल, दतिया आदि जिलों का प्रदर्शन अच्छा रहा।

इन जिलों में 50 प्रतिशत से कम दोष सिद्धि, सुधार का टारगेट
वहीं प्रदेश के जिला शाजापुर, अलीराजपुर, मुरैना, दमोह, रीवा, अशोकनगर आदि में 50 प्रतिशत से भी कम दोष सिद्धि दर पर संचालक, लोक अभियोजन द्वारा नाराजगी व्यक्त करते सभी जिलों को वर्ष 2022 में परफार्मेंस सुधार का लक्ष्य दिया गया।  

इन लोक अभियोजकों पर गिरी गाज
समीक्षा के दौरान संचालक लोक अभियोजन ने जिला अभियोजन अधिकारी अशोकनगर अतुल शर्मा एवं एडीपीओ सिलवानी जिला रायसेन राजेन्द्र वर्मा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही जिला अभियोजन अधिकारी उमरिया अकरम शेख, जिला अभियोजन अधिकारी इंदौर संजीव श्रीवास्तव, जिला अभियोजन अधिकारी उज्जैन राजकुमार नेमा, उप संचालक (अभियोजन) अलीराजपुर, राजीव गरवाल को कारण बताओ नोटिस  जारी किया गया।

स्टैंडर्ड फार्मेट तैयार करने बनाई कमेटी
संचालक लोक अभियोजन ने बैठक में विशेषतौर पर पृथक से प्रकरणों की ‘स्क्रूटनी’ कार्य को आॅनलाइन करने और इसके स्टैंडर्ड फार्मेट तैयार करने के लिये पृथक से कार्यवाही प्रारंभ करते हुए अभियोजकों की समिति गठित की है। यह समिति अपना प्रतिवेदन 15 दिन में प्रस्तुत करेगी।

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