ऑपरेशन विश्वास: 1 माह में शिकायत का निराकरण नहीं तो ळक पर गिरेगी गाज

भोपाल
आगर मालवा जिला पुलिस इन दिनों आॅपरेशन ‘विश्वास’ चला रही है। इसके जरिए लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़े और पुलिस की मदद करने वाली छवि उभर कर आए, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। इस आॅपरेशन में तय समय में यदि शिकायत का निराकरण नहीं किया गया तो बीट प्रभारी से लेकर थाना प्रभारी पर गाज गिर सकती है।

आमतौर पर थानों में आने वाली शिकायतों की पावती देकर पुलिस भूल जाती है। इसके चलते आवेदक थाने से लेकर एसपी  के यहां अपनी शिकायत का आवेदन देता रहता है, लेकिन अब आॅपरेशन विश्वास में आवेदक को परेशान नहीं होना पड़ेगा। एसपी राजेश कुमार सगर ने यह तय किया कि थाने में आवेदक से शिकायत लेने से कोई इनकार नहीं करेगा। शिकायत लेने के बाद तय समय सीमा में उसका निकाल किया जाएगा। खासकर उन मामलों में जिन में तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती है।

ऐसे होगा ‘विश्वास’
ऐसी शिकायत पर तत्काल ही थाने पर आवेदक के बयान दर्ज किए जाएंगे। बयान बीट प्रभारी या थाने पर मौजूद प्रधान आरक्षक लेंगे। इसके बाद उसी वक्त आवेदक से गवाहों की जानकारी ली जाएगी, साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि गवाह थाने आकर बयान देंगे या पुलिस को उनके पास जाना होगा। साथ ही गवाह किस दिनांक पर बयान दे सकते हैं। इसी के साथ अनावेदक के बारे में भी पुलिस जानकारी लेगी। इसमें पुलिस तत्काल मोबाइल फोन पर अनावेदक से भी बात करेगी। यह सब जानकारी पुलिस थाने में रखी जाएगी और आवेदक द्वारा बताए गई दिनांक पर गवाहों से पुलिस बातचीत करेगी। बीट प्रभारी को यह सब काम 7 दिन में पूरे कर थाना प्रभारी को रिपोर्ट करना होगा।

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