चिटफंड कंपनी बनाकर रकम दोगना करने का वायदा करके डकार गए 7 लाख

जबलपुर
अभिनेता अक्षय कुमार, शुनील सेटट्ी, परेस रावल और अभिनेत्री विपाशा बसु एवं अन्य कलाकारों की बहुचर्चित फिल्म हेराफेरी की कहानी तो सबको याद होगी। इसी कहानी की तर्ज पर जालसाजों ने सैकड़ों लोगों को रकम दोगुना करने का लालच देकर उसने लाखों रुपए हड़प लिए। हांलाकि इस प्रकरण का खुलासा हाथीताल निवासी आशीष चौहान ने लार्डगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए किया है। जिनसे जालसाजों ने सात लाख रुपए की ठगी की है। लेकिन जब पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि उक्त आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भोपाल से लेकर शहर तक जालसाजी के प्रकरण दर्ज है। जिनकी तलाश जारी है।

लार्डगंज पुलिस के मुताबिक एनईएस कॉलेज परिसर हाथीताल निवासी आशीष चौहान ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका पाल कम्पाउंड गोरखपुर में मकान है। जिसमें उनका आफिस है। ऊपर वाली मंजिल खाली रहती है। इसे वह किराए पर चलाता है। दिसंबर 2019 में राकेश सिंह और राकेश गुप्ता मिले। दोनों ने ऊपर वाली मंजिल किराए पर खुद के रहने के लिए मांगा। दोनों ने उनके व्यवसाय के बारे में भी पूछा, तो उसने बता दिया। दोनों ने बताया कि वे निवेश कंपनी के डायरेक्टर हैं। उनकी कंपनी का ऑफिस नागल हाउस मानस भवन के पास है। उसने 15 हजार रुपए महीने किराए पर मकान की ऊपरी मंजिल दे दी। राकेश सिंह व राकेश गुप्ता ने सहयोगी संदीप उईके के साथ किरायानामा लेखबद्ध कराते हुए नोटराईज किराया था। इसके बाद राकेश गुप्ता, राकेश सिंह, उमेश गुप्ता और संदीप उइके उसके मकान की उपरी मंजिल वाले ब्लाक में रहने लगे।

2020 में झांसे में फंसाया
जानकारी अनुसार उसकी अक्सर राकेश गुप्ता के भाई उमेश गुप्ता और संदीप उइके से बातचीत होती रहती थी। तेवर निवासी गोविन्द पटेल भी आये दिन इनके पास आकर रूकता था। जनवरी में उमेश गुप्ता, संदीप उइके और गोविन्द पटेल मिले। बोले कि उसके भाई राकेश गुप्ता और राकेश सिंह की कम्पनी अच्छा प्राफिट कमा रही है। जबलपुर के लोगों को कंपनी में पैसा लगाकर अच्छा फयदा मिल रहा है आप क्यों नहीं कंपनी में पैसा लगाकर मुनाफा ले रहे हो। हालांकि तब उसने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया।

ठाठ-बाठ देखकर वह झांसे में आ गया
पीडि़त से आरोपी अक्सर मिलकर पैसा लगाने की कहते थे, उनकी बातों मे आकर पीडि़त 20 जनवरी 2020 को उनके आफि स नागर हाउस राईट टाउन गया। वहां उसे राकेश गुप्ता तथा राकेश सिंह कंपनी डायरेक्टर के चैम्बर में बैठे मिले। इन लोगों ने उसे पूरा आफि स घुमाया और दिखाया। उससे कंपनी में पैसा निवेश करने के लिए कहा। इन लोगों के आफि स और ठाठ-बाठ देखकर वह झांसे में फं स गया। उसने उसी दिन मास्टर ट्रेड कंपनी के नाम से बैंक आफ इंडिया के चेक द्वारा 7 लाख रूपये दे दिए। जिसके बाद आरोपी 2021 में वहां से मकान खाली कर गायब हो गए। इतना ही नहीं, उसका 2 माह का किराया और 6500 रुपए बिजली बिल भी नहीं दिया। वह नागर हाउस राईट टाउन स्थित उनके आफिस पहुंचा तो वह भी बंद मिला। फोन से संपर्क किया, पर वे पैसे लौटाने का आश्वासन ही देते रहे। इस कंपनी ने इसी तरह कई लोगों के पैसे हड़प लिए हैं।

भोपाल, ओमती में अनेक लोगों से हड़पे लाखों रुपए
इस कंपनी ने सिवनी और छिंदवाड़ा में भी इसी तरह से लोगों से ठगी की है। दोनों ही जिले में उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। लार्डगंज पुलिस ने मामले में राकेश गुप्ता, राकेश सिंह, संदीप उइके, उमेश गुप्ता, गोविंद पटेल के खिलाफ कंपनी में निवेश करने पर 400 दिन में 4 गुना पैसे देने का झांसा देकर 7 लाख की ठगी मामले में धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।

इन्होंने कहा-
लार्डगंज में ठगी का मामला दर्ज किया गया है। आरेापी बहुत शातिर है जो चिटफंड कंपनी में पैसे दोगुने करने का लालच देकर लोगों को बेबकूफ बनाते है। पूर्व में भोपाल के अयोध्या नगर थाने में भी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज है जिसमें वह जमानत पर है। इतना ही नहीं ओमती में भी पूर्व में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
प्रफुल्ल श्रीवास्तव, थाना प्रभारी लार्डगंज

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