बजट के बाद शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 59000 और निफ्टी 17700 के पार खुला

 नई दिल्ली

बजट के बाद आ शेयर बाजार का मूड अच्छा दिख रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में बाजार की शुरुआत मजबूत रही। बीएसई का 30 स्टॉक्स पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 430.87 अंकों की उछाल के साथ 59,293.44 के स्तर पर खुला तो निफ्टी ने 17706 के स्तर से आज दिन के कारोबार की शुरुआत की । शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 477 अंकों की बढ़त के साथ 59339 पर था तो निफ्टी 137 अंकों की तेजी के साथ 17714 के स्तर पर। निफ्टी टॉप गेनर में  कोट महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, आईटीसी और डीबीस लैब जैसे स्टॉक थे तो टॉप लूजर में टेक महिंद्रा, अडानी पोर्ट, ब्रिटानिया, सन फार्मा और टाटा स्टील थे।

बजटमय मंगलवार को मंगलमय रहा बाजार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट में बुनियादी ढांचे की मजबूती पर जोर देने के बीच मंगलवार को शेयर बाजारों में तेजी आई। धातु और पूंजीगत सामान कंपनियों के शेयरों में भारी लिवाली से बीएसई सेंसेक्स 848 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबारियों ने कहा कि इसके अलावा मजबूत वैश्विक संकेतों ने भी घरेलू शेयर बाजारों को मजबूती दी।

दिन के कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 59,032.20 की ऊंचाई को छूने के बाद 848.40 अंक या 1.46 प्रतिशत बढ़कर 58,862.57 पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 237 अंक या 1.37 प्रतिशत बढ़कर 17,576.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे अधिक 7.57 प्रतिशत की बढ़त टाटा स्टील में हुई। इसके अलावा सन फार्मा, इंडसइंड बैंक, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी और एचसीएल टेक भी बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे।

दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावरग्रिड, एसबीआई, भारती एयरटेल, एनटीपीसी, मारुति और रिलायंस के शेयर गिरकर बंद हुए। एशियाई बाजारों में हांगकांग और जापान के बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को सकल आधार पर 3,624.48 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

 एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और सीईओ धीरज रेली ने कहा कि बजट वृद्धि को बढ़ावा देने वाला है और पूंजीगत व्यय में तेजी से बढ़ोतरी करता है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण को बढ़ावा देने के साथ ही स्टार्टअप, आधुनिक गतिशीलता और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर जोर देने से पता चलता है कि वित्त मंत्री ने दीर्घकालिक वृद्धि को प्राथमिकता दी है।

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