गर्भवती महिला में हेटेरोट्रॉफिक प्रेगनेंसी का पता चला

जनकपुर(कोरिया)
 मेडिकल के क्षेत्र मे डाक्टरो के सामने नित नई अविश्वीय चुनौतिया आती है जिसमे मरीजो के परीक्षण पश्चात वे उनका ईलाज भी करते है और उस पर रिसर्च भी। ऐसा ही एक मामला सूबे के दूरदराज इलाके जनकपुर कोरिया क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र  से सामने आया जिसमे गर्भवती महिला अत्यंत दुर्लभ हेटेरोट्रॉफिक प्रेगनेंसी से ग्रसित मिली। जिसे तत्काल मध्य प्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल रेफर किया गया।

प्राप्त समाचारो के अनुसार विकासखण्ड भरतपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में  मेडिकल क्षेत्र मे  अत्यंत ही आश्चर्यजनक मामला देखने को मिला। बताया जाता है स्वास्थ्य केन्द्र मे एक गर्भवती महिला को पेशाब में खून आने की शिकायत पर 26 जनवरी दोपहर बाद अस्पताल मे भर्ती हुई थी। तत्काल ही उसका इलाज प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अभया गुप्ता द्वारा शुरू किया गया । गर्भवती महिला के चिकत्सीय परीक्षण के बाद डाक्टर गुप्ता ने मरीज का तत्काल सोनोग्राफी करने की सलाह दी कही मरीज मे पथरी अथवा अन्य समस्या तो नही और उसके बाद आगे के इलाज की बाते कही।

डाक्टर गुप्ता की सलाह गर्भवती महिला के परिजन उसे तुरंत ही सोनोग्राफी के लिए लेकर गए जहां पर बीएमओ तथा रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर आरके रमन ने महिला की  सोनोग्राफी की तो वे भी आश्चर्यचकित हो गये।महिला के गर्भ में एक स्वस्थ बच्चा पल रहा है और साथ ही एक बच्चा उसकी पेशाब की थैली में अलग से दिखाई दिय जो कि मर चुका है। डा रमन ने इसकी जानकारी प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अभया गुप्ता को दी। डा गुप्ता ने  बताया गया कि यह घटना अत्यंत ही दुर्लभ है तथा कई लाखों प्रेगनेंसी में एकाध में ऐसा होना पाया जाता है। जिसे मेडिकल टरमोलॉजी मे हेटेरोट्रॉफिक प्रेगनेंसी कहते हैं । उक्त महिला को तत्काल इलाज हेतु उच्च संस्थान  (यूरोलॉजिस्ट ) के डॉक्टर के पास 102 महतारी एक्सप्रेस के द्वारा रिफर कर दिया गया।अभी इस मरीज का इलाज शहडोल मेडिकल कॉलेज में चल रहा है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *