दिल्ली: बढ़ाए जा सकते हैं और प्रतिबंध, कोरोना पर कल होने वाली DDMA की मीटिंग में हो सकता है फैसला

नई दिल्ली
दिल्ली में जारी कोरोना के कोहराम के बीच दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने राजधानी के हालात और कोविड​​​​-19 मामलों पर चर्चा करने के लिए 10 जनवरी को एक बैठक बुलाई है। यहां अभी लॉकडाउन भले ही ना लगा जाए, लेकिन बैठक में कुछ और प्रतिबंधों को लागू करने पर निर्णय लिया जा सकता है। डीडीएमए ने अपनी पिछली बैठक में दिल्ली में वीकेंड लॉकडाउन लगाने का फैसला किया था। उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में होने वाली डीडीएमए की बैठक में मौजूदा कोविड-19 स्थिति और ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद डीडीएमए ने पिछले हफ्ते स्कूलों, कॉलेजों, सिनेमाघरों और जिमों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया था और दुकानों और सार्वजनिक परिवहन के कामकाज पर विभिन्न प्रतिबंध लगा दिए थे। राजधानी में शुक्रवार रात 10 बजे (पहले 11 बजे) से सोमवार सुबह 5 बजे तक वीकेंड कर्फ्यू भी लगाया गया है।

दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर बढ़कर 19.60 प्रतिशत पर पहुंची
दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 20,181 नए मामले सामने आने और सात मरीजों की मौत के बाद संक्रमण दर बढ़कर 19.60 प्रतिशत तक पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, राजधानी में दो मई को कोविड-19 के 407 मरीजों की मौत हुई थी, जबकि संक्रमण के 20,394 मामले सामने आए थे। संक्रमण दर 28.33 प्रतिशत रही थी। आंकड़ों के अनुसार, एक दिन पहले 1,02,965 कोविड जांच की गई। इनमें 79,946 आरटी-पीसीआर, जबकि शेष रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल हैं। लगभग 1,586 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 375 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इन 375 मरीजों में से 27 वेंटिलेटर पर हैं। दिल्ली में एक्टिव केसों की संख्या 48,178 है। इनमें से 25,909 होम आइसोलेशन में हैं। 

 कोरोना मुक्त हुए केजरीवाल 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि वह कोरोना वायरस के संक्रमण से उबर गए हैं और लोगों की सेवा में वापस लौट आए हैं। मुख्यमंत्री के चार जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी और उसके बाद से ही वह होम आइसोलेशन थे। उनमें बीमारी के हल्क लक्षण थे। केजरीवाल ने रविवार सुबह ट्वीट किया, “करोना से ठीक होकर मैं वापस आपकी सेवा में हाजिर हूं।” केजरीवाल ने तीन जनवरी को उत्तराखंड के देहरादून में एक रैली की थी जिसके अगले दिन उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। पिछले साल अप्रैल में केजरीवाल की पत्नी सुनीता भी कोविड-19 से पीड़ित हो गई थीं। केजरीवाल में भी संक्रमण के लक्षण दिखे थे, लेकिन उनकी कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। पिछले साल केजरीवाल सरकार के अधिकतर मंत्री कोविड से संक्रमित हो गए थे। इनमें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय शामिल हैं। 

दिल्ली में फिलहाल लॉकडाउन लगाने की योजना नहीं : केजरीवाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से कोरोना नियमों का पालन करने और मास्क लगाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की लॉकडाउन लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि कोरोना की इस लहर से घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करें और मास्क लगाते रहें, बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि पूरे देश और दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी के साथ फैल रहा है, लेकिन अधिकतर मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है। पिछली लहर के दौरान 7 मई को 20 हजार कोरोना के मामले आए थे और 341 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन कल 20 हजार मामले आए और 07 लोगों की मौत हुई है। मई में 20 हजार बेड अस्पतालों में भरे थे, लेकिन कल मात्र 1500 बेड अस्पताल में भरे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। मास्क पहनना सबसे अनिवार्य है। अगर आप मास्क पहनकर निकलेंगे तो लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। सरकार की लॉकडाउन लगाने की अभी कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कम से कम प्रतिबंध लगाने की कोशिश में है ताकि लोगों की रोजी-रोटी चलती रहे। 
 

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