एसएचजी बढ़ाएगा प्रदेश में 35 लाख परिवारों की आय

भोपाल
प्रदेश में 35 लाख स्वसहायता समूहों, सदस्यों की आय बढ़ाने और उनके परिवार के सदस्यों को रोजगार सृजन का काम देने के लिए पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग पूरे प्रदेश की जल प्रदाय व्यवस्था महिला स्वसहायता समूहों (एसएचजी) को सौंपने जा रहा है। पंचायतों में जल प्रदाय योजनाओं के संचालन और संधारण के लिए महिला स्वसहायता समूहों को जिम्मेदारी सौंपने के सार्थक परिणाम सामने के बाद यह निर्णय लिया गया है। जल सखियों के रूप में काम कर रहे समूहों को जिम्मेदारी मिलने के बाद जहां ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता आसान हुई है वहीं जल प्रदाय के बिलों के भुगतान की स्थिति में भी सुधार होने लगा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के मुताबिक पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग पंचायतों से संबंधित सेवाओं की जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूहों को देने पर फोकस कर रहा है। प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने समीक्षा में पाया है कि जिन जिलों में ग्रामीण जल प्रदाय संधारण और संचालन की जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूहों को सौंपी गई है वहां समूहों की महिलाएं लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ समय पर जल कर भी संग्रहीत कर रही हैं। यही काम जब पंचायतें कर रहीं थी तो जल प्रदाय एवं कर वसूली दोनों की स्थिति ठीक नही थी। अब तक इस प्लानिंग के अंतर्गत प्रमुख रूप से सीहोर, सिवनी, रायसेन, बालाघाट, दतिया, अनूपपुर, देवास आदि जिलों में महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा जल प्रदाय योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रथम चरण में चयनित पंचायतों में प्रयोग के तौर पर नल-जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण का काम महिला एसएचजी को दिया गया था जिसके बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इस कार्य को पंचायतों की तुलना में स्व-सहायता समूहों ने अच्छे से कर दिखाया है।  अभी लगभग 200 पंचायतों में यह कार्य समूहों द्वारा किया जा रहा है जिसे चरण बद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है।

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