जानिए कैसे कॉफ़ी को बनाये एंटी एजिंग कॉफ़ी

    शानदार मूड बूस्टर है कॉफी। और कॉफी पीना ज्यादातर लोगों को पसंद होता है। इस बात में कोई शक नहीं है कि कॉफी सर्दी के मौसम में गर्माहट पाने का आसान और स्वादिष्ट तरीका है। साथ ही कॉफी खुश रहने में मदद करती है। कॉफी लवर्स को ऐंटी-एजिंग से जुड़ी कुछ खास बातें बता रही हैं स्किन एक्सपर्ट डॉक्टर रश्मि शेट्टी।

    कॉफी स्ट्रेस बस्टर है और जब भी आप लो फील करें तो कॉफी पीकर तुरंत खुद को चार्ज कर सकते हैं। हालांकि इतना भी जान लें कि मूड को तुरंत बेहतर बनाने वाली कॉफी को अधिक मात्रा में लेने पर बुढ़ापा आपको जल्दी घेर सकता है। क्योंकि कम मात्रा में कॉफी का सेवन आपकी ऊर्जा को बढ़ाता है तो अधिक मात्रा में कॉफी का सेवन आपकी एनर्जी को कम भी कर सकता है।

    दरअसल, अधिक मात्रा में कॉफी पीने का साइडइफेक्ट है कॉर्टिसोल। यह ऐसा हॉर्मोन है, जो आपको तनाव देता है, मूड खराब करता है और गुस्सा बढ़ाता है। और गुस्सा आपकी त्वचा पर समय से पहले बढ़ती उम्र के निशान बना देता है। इसके अलावा भी कई तरह से कॉफी आपकी स्किन को प्रभावित करती है। आपको हर दिन कितनी मात्रा में कॉफी पीनी चाहिए ताकि आप जवां और हसीन बने रहें। साथ ही कॉफी पीने का सही तरीका क्या है, ये सभी बातें बता रही हैं डॉक्टर रश्मि शेट्टी।

डिहाइड्रेशन बढ़ाती है कॉफी

जानते हैं कि कॉफी हमारे शरीर में पानी की मात्रा को कम करने का काम करती है। जी हां, ये सच है कि कॉफी त्वचा में रूखापन बढ़ाती है, इससे सर्दी के मौसम में पहले से रूखी त्वचा और अधिक रूखी हो जाती है। अधिक मात्रा में कॉफी पीने का यह पहला नुकसान है, जो आपकी त्वचा पर उम्र के असर को हावी करता है।

इंफ्लेमेट्री स्किन और ऐक्ने

    कॉफी बनाने में दूध का उपयोग किया जाता है। जबकि हममें से कई लोगों की त्वचा को दूध रास नहीं आता है। इसलिए त्वचा में अंदरूनी सूजन बढ़ने लगती है। चेहरे का सूजा हुआ दिखना और त्वचा में कसावट की कमी होना, उम्र बड़ी दिखने का दूसरा कारण है, जो अधिक कॉफी पीने के कारण त्वचा पर नजर आता है।

हॉर्ट बीट्स और कॉर्टिसोल बढ़ाए

    अधिक मात्रा में कॉफी पीने वाले लोगों की हार्ट बीट्स अक्सर बढ़ी हुई रहती है। साथ ही इन्हें पेल्पिटेशन की समस्या भी होती रहती है। यानी तेज धड़कनों के साथ ही घबराहट होना। इस स्थिति में इनके शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। कॉर्टिसोल तनाव बढ़ाता है और तनाव का सीधा असर त्वचा पर नजर आता है।

इसलिए भी बढ़ते हैं एजिंग साइन

    कॉफी के साथ उपयोग होनेवाली शुगर त्वचा कोलेजन को ब्रेक करने करने का काम करती है। कोलेजन वो खास तरह का प्रोटीन होता है, जो त्वचा में कसावट और ग्लो बनाए रखने का काम करता है।
    लेकिन अधिक मात्रा में और कॉफी के साथ शुगर का सेवन कोलेजन को तोड़ने का काम करता है, इससे भी त्वचा में फाइन लाइन्स और एजिंग साइन नजर आने लगते हैं।

डैमेज हो जाता है गट फ्लोरा

    गट फ्लोरा यानी हमारी आंतों को स्वस्थ बनाए रखने वाला सिस्टम, जो हमारे खाए हुए भोजन को पचाने में भी मदद करता है। कॉफी में मौजूद रासायनिक तत्व इस गट फ्लोरा को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसका सीधा असर हमारी त्वचा की सुंदरता और ग्लो पर पड़ता है।

ऐसे बनाएं ऐंटी एजिंग कॉफी

    डॉक्टर रश्मि शेट्टी का कहना है कि 'अगर आपको कॉफी पीनी ही है तो आप हर दिन सीमित मात्रा में इसका सेवन करें। बेहतर रहेगा कि आप बिना दूध और बिना शुगर की कॉफी पिएं। हालांकि टी-टोटलर होना एक शानदार विकल्प है।'
    टी-टोटलर, उस व्यक्ति को कहते हैं जो चाय-कॉफी-सिगरेट इत्यादि का सेवन नहीं करता है। अगर कॉफी की सही मात्रा की बात करें तो हर दिन एक कप कॉफी पीना पर्याप्त माना जाता है। बिना शुगर और बिना दूध की कॉफी को ही ऐंटी एजिंग कॉफी के नाम से जाना जाता है। क्योंकि ऐसी कॉफी स्किन को फ्रेश रखने में मदद करती है।

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