लुधियाना: कांट्रैक्ट मुलाजिमाें की हड़ताल से प्राइवेट बस आपरेटराें की चांदी

लुधियाना
सरकारी बसों की हड़ताल से व्यवस्था चरमरा गई है। प्राइवेट बसों में सरकारी बसों की अनुपात में डेढ़ गुना किराया होने से यात्रियाें काे चूना लग रहा है। रेलगाड़ियों की कमी और सरकारी बसों की हड़ताल से दिल्ली जाने वाले पैसेंजर मुश्किल में पड़ गए हैं। प्राइवेट बसों में यात्रियाें से डेढ़ गुना किराया वसूल किया जा रहा है। यात्री अगर ज्यादा किराया लेने की बात पर विरोध जताता है तो प्राइवेट बसों के मुलाजिम नीचे उतरने को कहता है। जो पैसेंजर जरूरी काम से या एक-दो दिन सफर करने वाले होते हैं वह तो यह समझ लेते हैं कि उन्हें रोजाना सफर नहीं करना है इसलिए थोड़ा ज्यादा ही लग जाए तो चलो सफर पूरा कर लेते हैं। यात्री सतीश शर्मा, अमन कुमार, बलकार सिंह, सुखचैन सिंह, विक्की कुमार व सोनू आदि ने कहा कि वह  अमृतसर से लुधियाना काम के लिए रोजाना आते हैं। पहले उन्हें ट्रेन में ₹100 में सफर पूरा हो जाता था। बस में 125 रुपये में सफर होता था लेकिन अब प्राइवेट बस संचालक 200 रुपये किराया मांग रहे हैं। दूसरी ओर लुधियाना बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या कम हो गई है। पहले वेटिंग हॉल जिस में बैठने के लिए जगह नहीं होती थी आज खाली पड़ा है।

वेटिंग हॉल में बैठे संजीव कुमार व पवित्र सिंह ने कहा कि उनको जरूरी काम से जाना है। इसी तरह बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए खुली दुकानों का भी बुरा हाल है। दुकानदार कहते हैं कि जिस हिसाब से पहले बिक्री होती थी वह बिक्री नहीं हो रहा है किराया और दुकान खर्च उन्हें भुगतना ही पड़ता है। दुकान पर ग्राहक कमाने से सामान भी बर्बाद हो रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है  रामबरन ने कहा कि यहां ब्रेड पकोड़ा और चाय के लिए लाइन लगती थी लेकिन अब ग्राहक नहीं होते हैं। कम ग्राहक आने से दुकान में समान खराब हो रहा है। वही कॉन्ट्रैक्ट बस मुलाजिम यूनियन के पदाधिकारी तरसेम सिंह का कहना है कि सरकार आज शाम तक मांगे नहीं मानी तो 10 दिसंबर को सीएम आवास के बाहर धरना प्रदर्शन होगा। चंडीगढ़ जाने के लिए सभी तैयारी पूरी हो चुकी है। वहीं परिवहन विभाग के जीएम राजीव दत्ता ने कहा कि कांट्रैक्ट मुलाजिमों से बातचीत जारी है। जल्द ही समस्या का हल हो जाएगा।

 

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