लोक गायक हीरा सिंह धर्मशक्तू का नया गीत लोगों की जुबां पर चढ़ा

रानीखेत
'मेरी सुवा' के बाद जौहार की समृद्ध संस्कृति के साथ ही देवभूमि की गौरवशाली लोक परंपरा, कला एवं संस्कारों से देश दुनिया को रू ब रू कराने वाले सुप्रसिद्ध उत्तराखंडी गायक हीरा सिंह धर्मशक्तू 'हिरदा' अब 'अहा म्यार पहाड़' गीत लेकर आए हैं। विभिन्न मंचों पर फन का जादू बिखेर चुके हिरदा ने अपने इस नए गीत में पहाड़ में पलायन की पीड़ा का अहसास कराया है, वहीं यहां के नैसर्गिक सौंदर्य व रमणीक स्थलों का बखान कर लोगों व पर्यटकों से पहाड़ से जोडऩे का प्रयास भी किया है। मूल रूप से जौहार (पिथौरागढ़) निवासी हिरदा गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण शोध संस्थान (कोसी कटारमल) में कार्यालय अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। हल्द्वानी में जौहार महोत्सव में अपनी सुरीली आवाज से सुमधुर गीतों की प्रस्तुति देकर वापस लौटे हिरदा ने बताया कि उनके नए गीत 'अहा म्यार पहाड़' को देव सिंह रावत व दक्ष ने निर्र्देशित किया और नंदन स्टूडियो हल्द्वानी में रिकॉर्डिंग की गई। कहा कि गीत में पहाड़ से पलायन की पीड़ा को तो उभरा ही गया है, यहां के रमणीक स्थलों व पर्यटक स्थलों का भी जिक्र किया गया है। ताकि सैलानियों का ध्यान खींचा जा सके और लोगों को अपना गांव देश छोडऩे के बजाय उसे खुशहाल बनाने का संदेश भी है।

पहाड़ी लोकगीत व संगीत के साथ ही प्राचीन वाद्य यंत्रों के संरक्षण में जुटे सुप्रसिद्ध लोकगायक हिरदा धर्मशक्तू बीते दो दशकों से समाजिक मंचों पर अपनी आवाज का जादू बिखेरते आ रहे हैं। वह कहते हैं कि पहाड़ी संगीत की अलग पहचान होनी चाहिए। इसे हल्का करने के बजाय अपनी लोक संस्कृति, परंपरा के साथ सामाजिक समस्याओं, समसामयिक प्रासंगिक विषयों, जनमुद्दों पर रचनाओं का सृजन कर गीत बनाने होंगे। बहरहाल, हिरदा का 'अहा म्यार पहाड़' यूट्यूब पर खूब धमाल मचा रहा है। 
 

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