67 लाख रुपए वसूलने में निगम काछूट रहा पसीना

भोपाल। नगर निगम ने लगभग दो साल पहले जोन 11 वार्ड 39 के अंतर्गत आने वाले कम्युनिटी हॉल का अवैध उपयोग करने पर तत्कालीन जोन प्रभारी शैलेंद्र पारे ने स्थानीय नेता पर 67 लाख रुपए का किराया बिल बनाया था। इस राशि को वसूलने में अब निगम प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। दरअसल इस मामले का खुलासा सूचना के अधिकार में मिली एक जानकारी से हुआ है। जोन प्रभारी मुकेश केमियों के मुताबिक जोन 11 में वार्ड 39,40 और 41 में निगम स्वामित्व का कोई कम्युनिटी हॉल नहीं है। यह जानकर कहना गलत नहीं होगा कि राजनीतिक रसूख के चलते निगम प्रशासन अपनी संपत्ति से मुंह फेर रहा है। आपको जानकर हैरत होगी कि शहर में निगम के अधीन आने वाले 60 फीसदी से अधिक कम्युनिटी हॉल की ऐसी ही स्थिति हैं। जहां स्थानीय स्तर पर रसूखदारों और पूर्व पार्षदों का कब्जा है। इसे लेकर निगम के पास कई शिकायतें भी पहुंची हैं, लेकिन रसूखदारों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। अरविंद क्लब जैसे कम्यूनिटी हॉल, हाउसिंग बोर्ड व रहवासी समिति के बीच आज भी उलझे हुए हैं।

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