अफगान यूनिवर्सिटियों में खिंच गए पर्दे
दिल्ली
काबुल की एक यूनिवर्सिटी की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है जिसमें लड़के और लड़कियों के बीच पर्दा खींच दिया गया है. लड़के-लड़कियों को अलग-अलग पढ़ाने के लिए नए नए तरीके निकाले जा रहे हैं.काबुल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वालीं 21 साल की अंजीला जब तालिबान के सत्ता में आने के बाद पहली बार क्लास के लिए पहुंचीं तो हैरान रह गईं. उन्होंने देखा कि उनकी क्लास में बीचोबीच एक पर्दा लगा दिया गया था. टेलीफोन पर काबुल से बातचीत में उन्होंने कहा, "पर्दे लगाना तो मंजूर नहीं किया जा सकता. मैं जब क्लास के अंदर पहुंची तो मुझे बहुत खराब लगा.” अफगानिस्तान में तालिबान को सत्ता में आए तीन हफ्ते से ऊपर हो गए. जीवन सतह पर सामान्य नजर आने लगा है. विश्वविद्यालय खुल गए हैं और छात्र कक्षाओं के लिए लौट रहे हैं.
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लौटने वालों में छात्रों में लड़कियां भी हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर आई कुछ तस्वीरों ने दुनियाभर को न सिर्फ हैरान किया है बल्कि तालीबान के शासन में महिलाओं की सामाजिक स्थिति को लेकर चिंता में भी डाल दिया है. बंटवारे की तस्वीर एक ऐसी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है जिसमें यूनिवर्सिटी की एक क्लास में पुरुष और महिला छात्र अलग-अलग बैठे हैं और उनके बीच में एक पर्दा लगा दिया गया है. यह तस्वीर काबुल की एविसेना यूनिवर्सिटी की है. समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट्स बताती हैं कि विदेशी ताकतें स्कूलों और विश्वविद्यालयों पर कड़ी नजर रख रही हैं क्योंकि तालिबान के राज में महिला अधिकारों को लेकर चिंता जाहिर की जाती रही है. 1996 से 2001 के बीच जब तालिबान पिछली बार सत्ता में आए थे तब महिलाओं की पढ़ाई और काम करने पर कड़ी पाबंदियां लगा दी गई थीं. वैसे, हाल के हफ्तों में तालिबान ने कई बार कहा है कि महिला अधिकारों का सम्मान इस्लामिक कानूनों के दायरे में किया जाएगा. लेकिन असल में इसका अर्थ क्या है, इस बारे में अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है.
