तालिबान का आतंक! बुर्का न पहनने पर 21 साल की लड़की को मार दी गोली

 नई दिल्ली 
 अफगानिस्तान में तालिबान और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष लगातार जारी है। तालिबान ने देश के कई प्रांतों पर अपना कब्जा जमा लिया है, जहां उनके अत्याचार की कई खबरें सामने आ रही हैं। अफगानिस्तान टाईम्स के मुताबिक तालिबानी आतंकियों ने एक 21 साल की लड़की को बुर्का न पहनने के कारण गोली मार दी.  रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादियों ने 21 वर्षीय नाज़नीन बल्ख जिला केंद्र की ओर जा रही थी, इसी बीच उसे कार से बाहर खींच लिया गया। तालिबान और अफगान सुरक्षा बलों में चल रहे इस संघर्ष आम लोगों का जीवन ठप हो गया है। बता दें कि जिन-जिन इलाकों में तालिबान ने अपना कब्जा जमा लिया है, वहां वह अपने दमनकारी कानूनों को लागू कर रहा है। इन्हीं कानूनों के तहत औरत को अपना शरीर ढक कर रहना चाहिए, इसीलिए तालिबानी आतंकवादियों ने 21 साल की लड़की की जान लेली।
 
बता दें कि तालिबान ने पिछले कुछ हफ्तों में अफगान सुरक्षा बलों और नागरिकों के खिलाफ अपना आक्रमण तेज कर दिया है, क्योंकि विदेशी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी हो गई है. तालिबान ने एक "वास्तविक इस्लामी व्यवस्था" पर जोर देते हुए कहा है कि यह महिलाओं के अधिकारों को सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है। तालिबान के इस्लामी कानून के कठोर संस्करण के तहत, लड़कियों को स्कूल से प्रतिबंधित कर दिया गया था और व्यभिचार जैसे अपराधों की आरोपी महिलाओं को स्टेडियमों में पत्थर मारकर मार डाला गया था। 

अफगानिस्तान में नए इलाकों पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने महिलाओं पर दमनकारी कानून फिर से लागू कर दिया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि इस्लामी शरिया कानून, जिसे वर्ष 1996-2001 में लागू किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान आतंकी महिलाओं को सिर से पैर तक खुद को ढंकने के लिए मजबूर कर रहा है और उन्हें घर से बाहर काम करने पर प्रतिबंध लगा रहा है। तालिबान लड़कियों की शिक्षा को भी सीमित कर रहा है। इतना ही नहीं तालिबान की तरफ से कहा जाता है कि महिलाओं को एक पुरुष रिश्तेदार के साथ रहने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *