हाईकोर्ट ने आटो चालक की संघ जनहित याचिका पर जवाब देने केन्द्र,राज्य सरकार समेत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को चार सप्ताह का समय दिया
बिलासपुर
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा एवं जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू की युगल पीठ ने छत्तीसगढ़ आटो चालक संघ द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्र,सूबे की सरकार सहित राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से इस मामले में चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब पेश करने को कहा है।
कोरोना काल के दौरान आटो बंद होने पर छत्तीसगढ़ आटो चालक संघ ने हाईकोर्ट के समक्ष जनहित याचिका में मांग की है कि कोविड संक्रमण की वजह से पूरे प्रदेश में आटो नहीं चल रहे हैं। आटो चालकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में शामिल नहीं किया गया है। इससे उनके व परिवार के सामने भरण-पोषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। दिहाड़ी मजदूरों व हमालों को भी राहत पहुंचाई गई है, लेकिन आटो चालकों को अब तक कोई राहत प्रदान नहीं की गई है। डिवीजन बेंच ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर केन्द्र व राज्य सरकार सहित राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा हैं।
