आर्मी चीफ नरवणे ने कहा- चीन की सैन्य गतिविधियों से परेशान होने की जरूरत नहीं
नई दिल्ली
भारत-चीन के बीच एलएसी पर पिछले कुछ महीने से शांति का माहौल है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए समझौते के बाद से इलाके में संघर्ष जैसी कोई स्थिति नहीं है। हाल ही में सामने आई कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि सीमा के करीब चीन की तरफ सैन्य गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। हालांकि इस मामले पर बुधवार को आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे के स्पष्टिकरण के बाद सब साफ हो गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपने इलाके में युद्धाभ्यास करना चीन का रूटीन अभ्यास है। गौरतलब है कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बीते साल चीन और भारत की सेनाओं के बीच काफी तनाव देखने को मिला था। कई महीनों की तना-तनी के बाद अब दोनों सेनाएं विवादित क्षेत्र से पीछे गट गई हैं। हालांकि चीन अपनी हरकत से बाज नहीं आया और कुछ समय बाद फिर से सीमा के करीब सैन्य गतिविधियां तेज कर दीं।
चीन की इस हरकत पर आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे ने कहा कि इसे लेकर चिंता की जरूरत नहीं है, दोनों देशों ने पैंगोंग झील समझौते का पूरा सम्मान रखा है। पैंगोंग झील समझौते का पूरा सम्मान न्यूज एजेंसी एएनआई के बात करते हुए आर्मी चीफ ने कहा, 'हम सभी इस विशेष अवधि के दौरान अपने प्रशिक्षण क्षेत्रों में आते हैं। इसी तरह चीन भी उसके प्रशिक्षण क्षेत्र में आ गया है। ऐसे किसी भी क्षेत्र में कोई हलचल नहीं हुई है, जहां से हम पीछे हटे हैं। पैंगोंग झील समझौते का दोनों पक्षों ने पूरा सम्मान रखा है।' इस दौरान सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कोरोना के खिलाफ तैयारियों को लेकर भी बात की।
