ऊर्जा प्रदेश को रोशन करने के लिए उत्तराखंड का एक ओर गांव ले रहा है जलसमाधि
देहरादून
ऊर्जा प्रदेश को रोशन करने के लिए उत्तराखंड का एक ओर गांव जलसमाधि ले चुका है। एक सौ बीस मेगावाट की व्यासी परियोजना के लिए विस्थापित किया गया लोहारी गांव बांध की झील में जलमग्न हो रहा है। गांव के बुजुर्ग,युवा, महिलाएं और बच्चों के सामने जब उनके घर डूब रहे थे तो डूबते गांव को देखते हुए हर किसी की आंखे भर आई। गांव वालों के सामने अब रोजगार, खेती और नया घर बसाने की बड़ी चुनौती सामने खड़ी हो गई है।
जिन खेत खलियानों और गांव में 90 परिवार ने अपना एक-एक पल को जिया। अब अपनी आंखों के सामने गांव को जलमग्न होते देख हर कोई भावुक हो रहे हैं। प्रशासन ने जैसे ही गांववासियों को गांव खाली करने का नोटिस थमाया हर तरफ कोहराम जैसा नजर आने लगा। खून-पसीने की मेहनत से जोड़कर घर बनाने के बाद अब अपने ही हाथों से घरों को तोड़ना पड़ा है। जिसके बाद घरों से सामान इकट्टा कर दूसरे ठिकानों पर पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही सालभर जिस खेती पर मेहनत की पानी आते देख फसल भी समेट कर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया है। रात में भी ग्रामीण उठकरजितनी बार अपने डूबते घरों को देख रहे हैं। उतनी बार ग्रामीण भावुक हो जाते हैं। गांव के डूबने के साथ लोगों की एक संस्कृति,एक सभ्यता,एक पहचान भी पानी में समा रही है।
