हाथियों के दल ने मचाया उत्पात तीन की ली जान तोडी झोपडियां

धमतरी
सीमावर्ती प्रांत ओडिशा से हाथियों के दल ने शनिवार को जमकर उत्पात मचाया जिसमें एक 22 वर्षीय युवती व एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई ।साथ ही इस दल ने अनेक मकानों को तहस -नहस कर दिया।लोग जान बचाकर वहां से भाग रहे हैं। हाथियों का यह दल ओडिशा के सिकाशेर से आया है। आसपास के 8 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग ने मृतक  के परिजनों को तत्काल 25-25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है ।

प्राप्त समाचारों के अनुसार  जिले के पांवद्वार डैम के पास बिरनासिल्ली में रामसिंह ने झोपड़ी बना रखी है। शनिवार देर रात करीब 12 बजे उसकी 22 साल की बेटी सुखबाई सोकर उठी और झोपड़ी से बाहर निकली। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद हाथियों ने उस पर हमला कर दिया। इसमें बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हाथी ने झोपड़ी को भी तोड़ डाला। इसके बाद परिजन अन्य लोगों को लेकर किसी तरह जान बचाकर भागे। हाथी के हमले में मारी गई 22 साल की युवती की मौत सवालों के घेरे में है। उसका नग्न शव बरामद हुआ है। आसपास कपड़े भी नहीं मिले हैं। ऐसे में घटना को लेकर संदेह है। आशंका है कि युवती के साथ कुछ गलत हुआ होगा, इसके बाद हाथी पहुंचे और हमला कर मार दिया। फिलहाल घटना की सूचना के बाद लोगों की काफी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई है। वहीं वन विभाग की टीम भी पहुंची है। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी जा रही है।

इससे पहले शनिवार को भी हाथियों ने महिलाओं सहित दो लोगों की जान ली थी। महिलाएं जंगल लकड़ी लेने गईं। तभी कक्ष क्रमांक 348 में महिलाओं को हाथियों ने दौड़ा लिया। महिलाएं वहां से भागी। उनमें शामिल पाइकभाठा निवासी भूमिका उर्फ सत्तो मरकाम (36) गिर पड़ी, तभी हाथी ने उसे पकड़ लिया और सूंड़ से उठाकर पटक दिया और  पैर से कुचल दिया। यह खबर ग्रामीणों को हुई तो घटना स्थल से कुछ दूरी पर भीड़ एकत्रित हो गई।घटना की जानकारी उदंती-सीतानदी टाइगर के उप संचालक वरुण जैन, ष्ठस्नह्र मयंक पांडेय को हुई। वन विभाग के अफसर दलबल के साथ घटना स्थल पर करीब 3 बजे आए। उन्होंने महिला का शव देखा। इसके बाद आसपास निरीक्षण करने लगे। तभी वहां से करीब 200 मीटर दूर पांवद्वार डैम के पास एक और ग्रामीण का शव मिला। उसकी पहचान बुधलाल (45) पुत्र नवलसिंग नेताम के रूप में हुई। दोनों के शव ग्रामीणों ने कंधे पर लादकर बाहर निकाला।

ओडिशा के सिकासेर से आया से 30 हाथियों का दल करीब 5 महीने से विचरण कर रहा है। 2 दिन पहले इस दल से 2 सदस्य एक हाथी व एक हथिनी अलग हो गए। यह दोनों ही सीतानदी रेंज, रिसगांव रेंज व अरसीकन्हार रेंज में घूम रहे है। फसल सहित कुछ घरों को भी तोड़ चुके हैं। 2 दिन पहले यह हथिनी सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के कक्ष क्रमांक 346 में थी। लगातार 24 से 36 घंटे एक ही जगह पर बैठे रहने से वन विभाग के अफसर निश्चिंत थे। बीती रात अचानक रेंज से निकली।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलेभर के 250 वनकर्मी 20 दिन से हड़ताल पर है। इनके हड़ताल से वन्य प्राणियों के साथ जंगल की सुरक्षा खतरे में है। हथिनी द्वारा 2 लोगों को कुचलने के बाद अफसर घटना स्थल से लगे आसपास के 8 गांव को सतर्क किया है। इनमें पांवद्वार, घठुला, रतावा, पोड़ागांव, बिरनासिल्ली, पदमपुर, पाइकभाठा, विश्रामपुर शामिल है। उदंती-सीतानदी टाइगर के उप संचालक वरुण जैन ने बताया कि सिकाशेर दल के 30 हाथियों का झुंड 3 समूह में बट गया है। 48 घंटे पहले ही अलग हुए है। प्रारंभिक जांच में हथिनी ने 2 ग्रामीण को कुचलने की पुष्टि हुई है। मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपए सहयोग राशि दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। 6-6 लाख रुपए मुआवजा मिलता है।

वहीं दूसरी ओर हथिनी चंदा का दल शनिवार रात धमतरी रेंज के बॉर्डर नरहरपुर के पास पहुंच गया। मालवाड़ी में कई मकान तोड़ दिए। जिसके बाद ग्रामीणों को जान बचाकर भागना पड़ा। चंदा के साथ झुंड में 24 हाथी है। जिनमें 3 बच्चे भी शामिल है। इसलिए चंदा हथिनी का दल भी आक्रामक है।

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