यूक्रेन में बिगड़ती स्थिति पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने की जयशंकर से बात, कल डोभाल से मिले जर्मन अधिकारी

 नई दिल्ली।

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने क्षेत्रीय प्राथमिकताओं की समीक्षा करने, यूक्रेन में बिगड़ती मानवीय स्थिति और मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बताया कि दोनों नेताओं ने ''यूक्रेन में बिगड़ती मानवीय स्थिति तथा स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के हमारे साझा प्रयासों समेत क्षेत्रीय प्राथमिकताओं की समीक्षा करने के बारे में बातचीत की।'' पिछले महीने भी ब्लिंकन ने जयशंकर के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी और यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा करने के लिए एक मजबूत सामूहिक प्रतिक्रिया के महत्व पर बल दिया था।

डोभाल ने जर्मनी के सुरक्षा एवं विदेश नीति सलाहकार से की वार्ता
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भारत यात्रा पर आए जर्मनी के सुरक्षा एवं विदेश नीति सलाहकार जेन्स प्लॉटनर के साथ बुधवार को अलग अलग वार्ता की जो यूक्रेन में संघर्ष से उपजी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के साथ- साथ अहम द्विपक्षीय मुद्दों से संबंधित रही। प्लॉटनर एक दिन के दौरे पर भारत आए हुए हैं और इसके बाद वह जापान जाएंगे। जयशंकर ने ट्वीट कर कहा, “जर्मनी के चांसलर के विदेश एवं सुरक्षा नीति सलाहकार जेन्स प्लॉटनर से आज दोपहर मुलाकात की। जाहिर तौर पर, हमारी बातचीत यूक्रेन स्थिति के इर्द-गिर्द केंद्रित रही।” बातचीत से पहले, प्लॉटनर ने कहा कि विश्व को रूस के यूक्रेन पर हमले के भू-राजनीतिक नतीजों को समझना चाहिए और अगर इसे नहीं रोका गया तो इसके दुनिया के लिए बड़े परिणाम होंगे। प्लॉटनर ने पत्रकारों से कहा कि जर्मनी यूक्रेन में फौरन संघर्ष विराम की कोशिश में है और वह पूर्वी यूरोपीय देश में संकट को लेकर अपने देश के दृष्टिकोण को साझा करने के लिए भारत आए हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्लॉटनर के साथ बातचीत के दौरान डोभाल ने अंतरराष्ट्रीय कानून और सभी राष्ट्रों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के भारत के दृढ़ दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने कई द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ अहम वैश्विक घटनाक्रम पर भी चर्चा की, जिनमें अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। जर्मनी के चांसलर के सुरक्षा एवं विदेश नीति सलाहकार की दिल्ली यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब कई उच्च स्तरीय विदेशी गणमन्य व्यक्ति यूक्रेन संकट तथा अन्य क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय मुद्दों पर सलाह-मशविरे के लिए भारत की यात्रा कर रहे हैं।

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